महिला आरक्षण

नारी शक्ति वंदन अधिनियम : मोदी कैबिनेट ने महिला आरक्षण संशोधन ड्राफ्ट को दी मंजूरी, लोकसभा की सीटें बढ़कर होंगी 816; 2029 से लागू होगा नया कानून

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। महिला आरक्षण संशोधन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दे दी गई है। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। सरकार ने इस संशोधन बिल को पारित करने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। नए प्रस्ताव के तहत लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 किया जाएगा, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह कानून 31 मार्च 2029 से प्रभावी होगा।

वर्टिकल आरक्षण और परिसीमन का नया ढांचा

इस बिल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आरक्षण ‘वर्टिकल’ आधार पर लागू किया जाएगा। इसका अर्थ यह है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए पहले से आरक्षित सीटों के भीतर ही महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित किया जाएगा। सरकार सीटों के नए निर्धारण के लिए परिसीमन कानून में संशोधन हेतु एक अलग साधारण बिल भी लाएगी। चर्चा है कि नई सीटों का निर्धारण 2011 की जनगणना के आधार पर किया जा सकता है। यह व्यवस्था राज्यों की विधानसभाओं और दिल्ली, जम्मू-कश्मीर तथा पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू होगी।

पीएम मोदी का संदेश: ‘यह करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों की झलक’

बिल की मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक लेख साझा करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक अनिवार्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रतिनिधित्व में देरी करना लोकतंत्र की गुणवत्ता से समझौता करने जैसा है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से मतभेदों को भुलाकर राष्ट्रहित में एकजुट होने की अपील की। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की दिशा तय करने वाला एक युगांतरकारी फैसला है।

मध्य प्रदेश में सीटों का गणित और सत्ता का समीकरण

इस संशोधन का बड़ा असर राज्यों की विधानसभाओं पर भी पड़ेगा। मध्य प्रदेश के संदर्भ में विशेषज्ञों का अनुमान है कि विधानसभा की सीटें 230 से बढ़कर 345 हो सकती हैं, जिनमें से 114 सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित होंगी। वहीं लोकसभा सीटों की संख्या 29 से बढ़कर 43 होने की संभावना है। सीटों की संख्या बढ़ने से बहुमत का आंकड़ा भी बदल जाएगा। मध्य प्रदेश में वर्तमान में बहुमत के लिए 116 सीटों की जरूरत होती है, जो नए परिसीमन के बाद बढ़कर 174 हो जाएगी।

जल्द शुरू होंगे देशव्यापी कार्यक्रम

केंद्र सरकार की योजना है कि जैसे ही संसद से यह विधेयक पारित होगा, पूरे देश में महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़े स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी ने भी जिला मुख्यालयों पर बड़े कार्यक्रमों की तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें प्रभारी मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इस कानून के लागू होने से न केवल महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं का स्वरूप भी पूरी तरह बदल जाएगा।

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