भोपाल| प्रदेश से लेकर कर्नाटक तक बनी द्रोणिका से अरब सागर से प्रदेश में नमी में आ रही है। वहीं उत्तरी-पश्चिमी मप्र में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात है, जो द्रोणिका से संबद्ध है। इसके संयुक्त असर से प्रदेश के पश्चिमी हिस्से विशेष तौर पर इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में वर्षा की गतिविधियां हो रही हैं। प्रदेश में सोमवार को रतलाम, इंदौर और धार में वर्षा हुई, वहीं धार में ओले भी गिरे। अगले 24 घंटे में पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और एक-दो स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका है। इधर, प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में तापमान बढ़ने का क्रम जारी है। सोमवार को नरसिंहपुर में 42.2 तो ग्वालियर में 42.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि जहां प्रदेश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में वर्षा, बादल तापमान को बहुत नहीं बढ़ने देंगी, वहीं उत्तरी हिस्सों में तापमान बढ़ेगा। उत्तरी हिस्सों में 17 मई के बाद लू के हालात भी बन सकते हैं।
मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी प्रवेंद्र कुमार ने बताया कि एक द्रोणिका उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र से होती हुई उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक तक जा रही है, जिसके असर से प्रदेश में नमी आ रही है। इसके साथ ही 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती प्रणाली उत्तर-पश्चिमी मध्यप्रदेश के आसपास बनी हुई है। इसके असर से अगले 24 घंटे में बुराहनपुर, खंडवा, आलीराजपुर, इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। इसके बाद एक नया विक्षोभ 17 को आ रहा है, जिसका असर आगामी दिनों में दिखेगा।


