महू। भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित कांग्रेस की जय बापू, जय भीम, जय संविधान रैली में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान ने सभी को अच्छे भविष्य का सपना देखने का हक दिया है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान में विचारधारा की लड़ाई चल रही है। एक तरफ कांग्रेस है, जो संविधान को मानती है और इसके लिए लड़ रही है। दूसरी तरफ भाजपा और संघ है, जो संविधान के खिलाफ हैं, इसे कमजोर करते हैं और खत्म करना चाहते हैं।
संविधान पर आक्रमण
संविधान सिर्फ एक किताब नहीं है, इसमें हिंदुस्तान की हजारों साल पुरानी सोच है। इसमें अंबेडकर जी, महात्मा गांधी जी, भगवान बुद्ध, फुले जी जैसे महापुरुषों की आवाज है। कुछ दिन पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- ‘हिंदुस्तान को 15 अगस्त, 1947 को आजादी नहीं मिली, वो झूठी आजादी थी।’ ये सीधा संविधान पर आक्रमण है।
जिस दिन संविधान खत्म हुआ, गरीबों के लिए कुछ नहीं बचेगा
राहुल गांधी ने कहा- भाजपा ने लोक सभा से पहले भी संविधान को खत्म करने की बात कही थी, इन्होंने कहा था कि अगर 400 सीटें आ गईं तो संविधान बदल देंगे। लेकिन उनके सामने कांग्रेस और गठबंधन के नेता व कार्यकर्ता खड़े हुए। नतीजा ये हुआ कि लोक सभा में नरेंद्र मोदी को संविधान के आगे माथा टेकना पड़ा। याद रखिए, जिस दिन संविधान खत्म हो गया, उस दिन देश के गरीबों के लिए कुछ नहीं बचेगा। संबोधन से पहले राहुल गांधी ने डॉ. भीमराव आंबेड़कर की जन्मस्थली पर पहुंचकर नमन किया। कार्यक्रम में देशभर से कांग्रेस के बड़े नेता पहुंचे हैं।
धर्म विरोधी भाषण नहीं देने की शर्त पर मिली रैली की अनुमति
रैली की अनुमति प्रशासन ने राजनीतिक व धर्मविरोधी भाषण प्रतिबंधित रखने की शर्त पर जारी की है। इस शर्त को देखते ही कांग्रेस के नेताओं ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद भी प्रशासन ने जो संशोधित अनुमति पत्र जारी किया है, उसमें सभा में धर्मविरोधी भाषण नहीं देने की शर्त लगाई गई।
राजनीतिक भाषण पर प्रतिबंध नहीं
राजनीतिक भाषण पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। बता दें कि कांग्रेस की इस जय बापू, जय भीम, जय संविधान यात्रा में पार्टी के प्रमुख नेता राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खरगे भाषण देंगे। आयोजन के लिए इंदौर ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सदाशिव यादव ने प्रशासन से अनुमति मांगी थी। इसमें रैली में कोई भी राजनीतिक व धर्मविरोधी भाषण प्रतिबंधित रखने की शर्त लगाई गई।


