एजेंसी, नई दिल्ली/श्रीनगर। मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते खूनी संघर्ष की तपिश अब भारत में भी महसूस की जा रही है। ईरान के प्रमुख नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उपजे हालातों को देखते हुए भारत सरकार ने देश के सभी राज्यों को अत्यधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार को आशंका है कि इस अंतरराष्ट्रीय विवाद के कारण देश के भीतर कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है।
गृह मंत्रालय के सख्त निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक विशेष पत्र भेजकर ‘हाई अलर्ट’ पर रहने को कहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कुछ कट्टरपंथी तत्व और भड़काऊ भाषण देने वाले उपदेशक इस स्थिति का फायदा उठाकर अशांति फैला सकते हैं। राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि:
– ईरान समर्थक प्रदर्शनों और भड़काऊ बयानबाजी करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाए।
– किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए तुरंत सुरक्षा बल तैनात किए जाएं।
– सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर लगाम कसी जाए।
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कश्मीर में पाबंदियां और इंटरनेट सेवाओं पर रोक
ईरान में हुए हमलों के विरोध में कश्मीर घाटी के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन देखे गए हैं। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने श्रीनगर के लाल चौक सहित कई संवेदनशील इलाकों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
– सुरक्षा बल तैनात: लाल चौक के घंटाघर को अवरोधक लगाकर बंद कर दिया गया है और वहां पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की भारी तैनाती की गई है।
– इंटरनेट की गति कम: अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड घटा दी गई है।
– स्कूल-कॉलेज बंद: छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटी के सभी शैक्षणिक संस्थानों को दो दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और बंद का आह्वान
कश्मीर की लगभग 15 लाख शिया आबादी में खामेनेई की मृत्यु को लेकर गहरा शोक है। बडगाम, बांदीपोरा और पुलवामा जैसे क्षेत्रों में लोग सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजराइल के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे हैं। इस बीच, मीरवाइज उमर फारूक और महबूबा मुफ्ती जैसे नेताओं ने इस घटना पर दुख जताते हुए एकजुटता दिखाने की अपील की है और बंद का समर्थन किया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान पर हमले तब तक नहीं रुकेंगे जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते। अमेरिका का दावा है कि उनके हवाई हमलों में ईरान के 40 से ज्यादा सैन्य कमांडर मारे गए हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागी हैं, जिसमें तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है।
भारत सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया है कि देश की शांति भंग करने वाली किसी भी कोशिश को शुरुआत में ही सख्ती से कुचल दिया जाए। पुलिस ने मीडिया संस्थानों को भी सलाह दी है कि वे बिना पुष्टि के कोई भी संवेदनशील खबर न चलाएं जिससे जनता में घबराहट पैदा हो।


