एजेंसी, मस्कट। खाड़ी देशों में जारी सैन्य संघर्ष अब एक भीषण क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले चुका है। रविवार को ओमान के तट के समीप एक तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिस पर अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए थे। इस टैंकर पर कुल बीस लोग सवार थे, जिनमें पंद्रह भारतीय चालक दल के सदस्य और पांच ईरानी नागरिक शामिल थे। ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र के अनुसार, राहत की बात यह है कि सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इस घटना में चार लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। यह हमला व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुआ है।
ईरान को लगा बड़ा आघात: सुप्रीम लीडर और सेना प्रमुख की मौत की पुष्टि
ईरान के लिए पिछला चौबीस घंटा अत्यंत विनाशकारी सिद्ध हुआ है। ईरानी सरकारी मीडिया ने अंततः यह स्वीकार कर लिया है कि देश के छियासी वर्षीय सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में मृत्यु हो गई है। इजरायली सेना के अनुसार, यह एक सुनियोजित अभियान था जिसे सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया। इसके तुरंत बाद ईरान को दूसरा बड़ा झटका तब लगा जब सशस्त्र बलों के प्रमुख अब्दुलरहीम मूसावी और रक्षा मंत्री जनरल अजीज नासिरजादेह के भी इन हमलों में मारे जाने की खबर आई। बताया जा रहा है कि यह हमला उस समय हुआ जब देश की रक्षा परिषद की एक उच्च स्तरीय बैठक चल रही थी।
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डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी: ‘परिणाम भुगतने होंगे’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान ने इन हमलों का बदला लेने का प्रयास किया, तो अमेरिका उस पर ऐसी शक्ति से प्रहार करेगा जो इतिहास में पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान को पलटवार करने की भूल नहीं करनी चाहिए, अन्यथा उसे इसके अत्यंत गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका और इजराइल का उद्देश्य ईरान की वर्तमान सत्ता व्यवस्था को पूरी तरह से बदलना है।
ईरान का मिसाइल हमला और भारी तनाव
अपने सुप्रीम लीडर की हत्या का बदला लेने के लिए ईरान ने रविवार को इजराइल और खाड़ी क्षेत्र में स्थित विभिन्न ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। ईरान की कैबिनेट ने इसे एक “बड़ा अपराध” करार देते हुए रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के माध्यम से अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों पर भीषणतम हमले की धमकी दी है। ईरानी संसद के अध्यक्ष ने कहा कि इजराइल ने मर्यादा की अंतिम रेखा पार कर दी है और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
मुख्य घटनाक्रम पर एक दृष्टि:
– भारतीयों की सुरक्षा: भारतीय विदेश मंत्रालय ओमान के पास हुए हमले में फंसे पंद्रह भारतीयों की स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए है।
– सैन्य नेतृत्व का अंत: ईरान के सेना प्रमुख, रक्षा मंत्री और सुरक्षा सलाहकार सभी एक ही हवाई हमले की चपेट में आ गए।
– अनिश्चितता का माहौल: ईरान में सुप्रीम लीडर की मौत के बाद शोक के साथ-साथ भारी अनिश्चितता व्याप्त है, जबकि सैन्य बल जवाबी कार्रवाई की तैयारी में जुटे हैं।


