एजेंसी, भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की न्यायिक सेवा के अधिकारियों और न्यायाधीशों को दीपावली के बाद बड़ा तोहफा दिया है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ अब न्यायाधीशों और न्यायिक अधिकारियों को 55प्र. की जगह 58प्र. डीए का भुगतान किया जाएगा। हालांकि, प्रदेश के करीब 7.5 लाख नियमित कर्मचारियों को अब भी इस बढ़ोतरी का इंतजार है। दीपावली से पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इसका ऐलान करेंगे, लेकिन फिलहाल उस पर कोई फैसला नहीं हुआ।
1 जुलाई 2025 से लागू होगा आदेश
विधि विभाग ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा 1 जुलाई 2025 से अपने कर्मचारियों को 3प्र. बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता देने का आदेश जारी किया गया है। इसी के अनुरूप यह बढ़ोतरी मध्यप्रदेश न्यायिक सेवा अधिकारियों पर भी लागू की जाएगी। एमपी न्यायिक सेवा (वेतन, पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभ पुनरीक्षण) नियम 2022 के नियम-9 के तहत यह बढ़ोतरी मान्य होगी। इसका अर्थ है कि अब मध्यप्रदेश के सभी न्यायिक अधिकारी 1 जुलाई 2025 से 58प्र. डीए प्राप्त करेंगे।
बढ़े हुए डीए का नगद भुगतान
राज्य शासन के आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि न्यायिक अधिकारियों को बढ़े हुए डीए का भुगतान नगद किया जाएगा। साथ ही 1 जुलाई 2025 से एरियर के बिल भी उसी कार्यालय से तैयार किए जाएंगे, जहां से संबंधित अधिकारी का वेतन तैयार होता है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि “मूल वेतन” से तात्पर्य सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत स्वीकृत वेतन से है। इसमें किसी भी प्रकार का विशेष या व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा।
कर्मचारियों को अब भी है फैसले का इंतजार
प्रदेश के लाखों कर्मचारी दीपावली से पहले मुख्यमंत्री द्वारा महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन अब तक उस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि केंद्र के समान 3प्र. डीए बढ़ोतरी (55प्र. से 58प्र.) का ऐलान किया जाएगा, पर मुख्यमंत्री कार्यालय से इस पर चुप्पी बनी हुई है। इधर, सरकार ने छत्तीसगढ़ की तर्ज पर राज्य के पेंशनर्स को महंगाई राहत देने का निर्णय पहले ही ले लिया है। पेंशनर्स को बढ़ी हुई डीआर का भुगतान अगले महीने मिलने वाली पेंशन में किया जाएगा।
न्यायपालिका को मिली राहत, पर कर्मचारी संघों में नाराजगी
जजों को बढ़ा हुआ डीए देने के आदेश जारी होने के बाद सरकारी कर्मचारियों के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब केंद्र और अन्य राज्यों ने डीए बढ़ाया है, तो मध्यप्रदेश के कर्मचारियों के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जल्द से जल्द डीए बढ़ोतरी का ऐलान किया जाए, ताकि कर्मचारियों को भी राहत मिल सके।
‘कर्मचारियों के साथ दोहरे मापदंड अपना रही सरकार’: अशोक पांडे
इस मामले में मध्यप्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने कहा है कि राज्य सरकार ने न्यायिक अधिकारियों को 1 जुलाई 2025 से तीन प्रतिशत महंगाई भत्ते का नगद एरियर सहित भुगतान करने के आदेश जारी किए हैं, जबकि प्रदेश के कर्मचारियों और स्थायी कर्मियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार न्यायिक सेवा को प्राथमिकता दे रही है और कर्मचारियों के साथ दोहरे मापदंड अपना रही है। ये तुरंत बंद किया जाए वरना इसका जवाब अब कर्मचारी सड़कों पर उतरकर मांगेंगे।


