एजेंसी, नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम चुनाव : देश की राजधानी दिल्ली में नगर निगम के महापौर पद हेतु आयोजित चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड विजय प्राप्त की है। रोहिणी बी वार्ड के वरिष्ठ पार्षद प्रवेश वाही को दिल्ली का नया महापौर निर्वाचित किया गया है। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के प्रत्याशी जहीर को एक विशाल अंतर से पराजित किया। इस चुनावी प्रक्रिया में कुल 165 मतदाताओं, जिनमें सांसद, विधायक और पार्षद सम्मिलित थे, ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गणना के दौरान सभी मत वैध पाए गए, जिनमें से प्रवेश वाही के पक्ष में 156 मत पड़े। इसके विपरीत, कांग्रेस के उम्मीदवार को मात्र 9 मतों से ही संतोष करना पड़ा। इस प्रकार, प्रवेश वाही ने 147 मतों के ऐतिहासिक अंतर से जीत हासिल की। वहीं, उपमहापौर के पद हेतु किसी अन्य नामांकन के अभाव में भाजपा की मोनिका पंत को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
#WATCH दिल्ली की नवनिर्वाचित डिप्टी मेयर मोनिका पंत ने कहा, “…हम पूर्व मेयर राजा इकबाल सिंह के कार्यों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे…महिला से संबंधित हर विषयों पर भी हम पूरी तरह से काम करेंगे…” pic.twitter.com/DDlpWAS8c7
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 29, 2026
आम आदमी पार्टी का सदन से बहिर्गमन और भावी रणनीति
इस वर्ष के महापौर और उपमहापौर चुनाव में एक बड़ा राजनैतिक उलटफेर तब देखा गया जब आम आदमी पार्टी ने पूरी प्रक्रिया का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। मतदान के समय पार्टी के समस्त पार्षद, सांसद और विधायक सदन की कार्यवाही से अनुपस्थित रहे। हालांकि, सत्ताधारी दल ने स्पष्ट किया है कि वे स्थायी समिति के आगामी चुनावों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। स्थायी समिति की रिक्त 3 सीटों के लिए केवल 3 ही नामांकन प्राप्त हुए हैं, जिनमें भाजपा के 2 और आम आदमी पार्टी का 1 प्रतिनिधि शामिल है। चूंकि नामांकन की संख्या सीटों के बराबर है, इसलिए इन सदस्यों का निर्विरोध चुना जाना निश्चित है। इसी रणनीतिक लाभ को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने समिति की प्रक्रिया का हिस्सा बनने का फैसला किया है।
दिल्ली नगर निगम के चुनावी समीकरणों का विस्तृत विश्लेषण
दिल्ली नगर निगम के भीतर मतदान की शक्ति कुल 273 मतों में निहित होती है। इस संकुल में 249 पार्षद, 7 लोकसभा सांसद, 3 राज्यसभा सदस्य और 14 मनोनीत विधायक अपनी भूमिका निभाते हैं। किसी भी दल को पूर्ण बहुमत सिद्ध करने के लिए 137 मतों के जादुई आंकड़े की आवश्यकता होती है। वर्तमान परिस्थिति में एक वार्ड के रिक्त होने के कारण कुल पार्षदों की संख्या 249 है। हालिया संपन्न चुनाव में कुल 165 मत डाले गए, जिनमें भाजपा को 156 और कांग्रेस को 9 मत प्राप्त हुए। भाजपा के पास अपने 123 पार्षदों के साथ-साथ सांसदों और विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है। राजनैतिक घटनाक्रमों और स्वाति मालीवाल के समर्थन के पश्चात भाजपा का संख्या बल 142 तक पहुँच गया है, जो बहुमत की सीमा से अधिक है। अन्य राजनैतिक दलों में आम आदमी पार्टी के पास 100 पार्षद हैं, जबकि इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी 15 और कांग्रेस 9 पार्षदों के साथ सदन में मौजूद हैं।
नवनिर्वाचित महापौर प्रवेश वाही का राजनैतिक अनुभव
दिल्ली के नए महापौर प्रवेश वाही का सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक अनुभव अत्यंत व्यापक रहा है। वे उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अंतर्गत तीन बार क्षेत्रीय अध्यक्ष (जोन चेयरमैन) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वे निगम की सबसे शक्तिशाली इकाई ‘स्थायी समिति’ के अध्यक्ष पद का दायित्व भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। रोहिणी बी वार्ड से निर्वाचित वाही की छवि एक अनुभवी और जमीनी नेता के रूप में रही है। उनके नेतृत्व में अब दिल्ली नगर निगम के समक्ष राजधानी की नागरिक सुविधाओं को उन्नत करने और लंबित विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करने की बड़ी चुनौती होगी। नवनिर्वाचित उपमहापौर मोनिका पंत के साथ मिलकर वे अब दिल्ली के प्रशासनिक ढांचे को नई दिशा देने का प्रयास करेंगे।
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