लंदन| मणिपुर हिंसा का मसला ब्रिटेन की संसद में उठा है। ब्रिटेन में धार्मिक आजादी से जुड़े मामलों की स्पेशल राजदूत और सांसद फियोना ब्रूस ने निचले सदन में कहा कि मणिपुर में मई से जारी हिंसा में कई सौ चर्च जलाए जा चुके हैं। न सिर्फ चर्च बल्कि उनसे जुड़े स्कूलों को भी निशाने पर रखा गया है। हिंसा में 100 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। 50 हजार से ज्यादा लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है। ये सब प्लानिंग के तहत किया जा रहा है। धर्म इन हमलों में बड़ा फैक्टर है। ब्रूस ने बीबीसी पर मणिपुर हिंसा की ठीक से रिपोर्टिंग न करने के आरोप लगाए हैं।
सांसद फियोना ब्रूस ने पूछा कि मणिपुर के लोगों की मदद के लिए इंग्लैंड का चर्च क्या कर सकता है। बीबीसी में काम कर चुके रिपोर्टर डेविड कैंपनेल के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक आजादी को लेकर बनाई गई रिपोर्ट के आधार ब्रूस ने ये सब बातें कहीं। वहीं, सांसद एंड्रयू सेलोउस ने मणिपुर के मुद्दे को ब्रिटिश संसद में उठाने के लिए ब्रूस की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ब्रूस ने इस मुद्दे को संसद के सामने लाकर बड़ा काम किया है। मेरी तरह वो भी चाहती हैं कि इस मुद्दे पर बीबीसी और दूसरे मीडिया संस्थान ठीक से रिपोर्टिंग करें। एंड्रयू ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि कैंटरबरी के आर्चबिशप इस मुद्दे पर ध्यान देंगे।
महिलाओं के निर्वस्त्र घुमाने वाले वीडियो पर अमेरिका बोला- भारत का आतंरिक मामला
मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने वाले वीडियो पर भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि ये भारत का आंतरिक मामला है। वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान उनसे मणिपुर के हालातों पर सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कहा कि वो जहां भी ऐसी हिंसक घटनाएं देखते हैं तो उन्हें दुख पहुंचता है। गार्सेटी ने कहा कि मैनें अब तक वीडियो नहीं देखा है। इंसान होने के नाते मेरी संवेदनाएं भारत के लोगों के साथ हैं।


