लेबनान

मिसाइल हमलों और सीमाई संघर्ष के बीच लेबनान में घुसी इजरायली सेना, ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 700 के पार

अंतर्राष्ट्रीय अमेरिका इजराइल ईरान देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय लेबनान

एजेंसी, तेहरान। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के साथ-साथ ईरान की ओर से की जा रही जवाबी कार्रवाई के चौथे दिन युद्ध अब लेबनान तक फैल गया है। इजरायली सेना ने लेबनान की सीमा में प्रवेश कर लिया है, जिसके चलते लेबनानी सैनिकों को अपनी सीमा चौकियां छोड़कर पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। इस भीषण युद्ध में पिछले चार दिनों के भीतर ईरान में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर सात सौ सत्तासी तक पहुंच गई है।

लेबनान पर किए गए जोरदार हमले के बाद इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने बयान दिया है कि सेना को लेबनान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर कब्जा करने की मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने इसे अपनी सीमा पर रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य कदम बताया। हालांकि, सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदाव शोशानी ने स्पष्ट किया कि यह किसी बहुत बड़े जमीनी हमले की शुरुआत नहीं है। ज्ञात हो कि दक्षिणी लेबनान के इलाकों में ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह का दबदबा है और वह वहीं से अपनी गतिविधियां चलाता है। युद्ध का असर अब सऊदी अरब तक भी पहुंच गया है, जहां रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला किया गया। सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार अब तक आठ ड्रोन विमानों को मार गिराया गया है। दूतावास पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने वहां अपनी सभी सेवाएं फिलहाल के लिए रोक दी हैं। दूसरी ओर, ईरान ने समुद्र के सबसे व्यस्त मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी जहाज ने इस रास्ते से गुजरने की कोशिश की, तो उस पर हमला कर दिया जाएगा।

ये भी पढ़े : समंदर में भड़की जंग की आग : ओमान के पास ऑइल टैंकर पर ईरान का घातक ड्रोन हमला, एक भारतीय नाविक की मौत

होर्मुज मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के कुल तेल उपयोग का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इस तनाव के कारण ओमान में एक तेल भंडार केंद्र को नुकसान पहुंचा है और कतर ने अपनी प्राकृतिक गैस का उत्पादन रोक दिया है। सऊदी अरब ने भी रास तनुरा तेल रिफाइनरी की कुछ इकाइयों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हुंकार भरते हुए कहा है कि अमेरिका के पास आधुनिक हथियारों का विशाल भंडार है और वे एक लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने सीएनएन को दिए साक्षात्कार में कहा कि अभी तक ईरान पर पूरी ताकत से हमला नहीं किया गया है और जल्द ही एक ‘बड़ी लहर’ जैसा हमला देखने को मिलेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी साफ किया कि उनके अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल शक्ति और उसकी नौसेना के खतरे को पूरी तरह खत्म करना है।

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply