डोमिनिका| भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच बुधवार से खेला जाएगा। रोसो आइलैंड में होने वाले पहले टेस्ट मैच में दोनों टीमें दमदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। इस सीरीज के साथ ही दोनों टीमें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अगले राउंड (2023-25) का आगाज करेंगी। बता दें कि वेस्टइंडीज की टीम एकदिवसीय विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाई है। ऐसा पहली बार हुआ है जब दो बार की वर्ल्ड चैंपियन वेस्टइंडीज इस बार विश्व कप में हिस्सा नहीं लेगी। खेल की क्वालिटी के हिसाब से वेस्टइंडीज की हैसियत अब आयरलैंड और अफगानिस्तान से भी कम होती जा रही है।
रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम को टेस्ट सीरीज में एकतरफा जीत मिलने का दावा क्रिकेट एक्सपर्ट्स कर रहे हैं। इसका कारण बताया जा रहा है कि टेस्ट क्रिकेट में दोनों टीमों के स्तर में फासला अब बहुत बढ़ गया है। भारतीय टीम इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ दुनिया की टॉप-3 टीमों में है। वहीं, आज वेस्टइंडीज की टीम लगातार गर्त में जा रही है। हालांकि वेस्टइंडीज टीम की स्थिति हमेशा ऐसी नहीं रही थी। इस सदी में लगातार डिक्लाइन देखने वाली इस टीम ने पिछली सदी में करीब 20 साल तक क्रिकेट की दुनिया पर राज किया था। 1975 से 1995 तक के समय काल में भारत और वेस्टइंडीज के बीच कुल 34 टेस्ट मैच हुए। इसमें भारत को सिर्फ 5 में जीत हासिल हुई। 13 टेस्ट में वेस्टइंडीज जीता और 16 मुकाबले ड्रॉ रहे। इस टाइम पीरियड में वेस्टइंडीज के खिलाफ उसके घर में भारत ने 13 टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें उसे सिर्फ 1 में जीत मिली थी। 7 में वेस्टइंडीज की टीम जीती और 5 टेस्ट ड़्रॉ रहे।
एकदिवसीय मैचों की बात करें तो टेस्ट जैसी ही तस्वीर थी। इन दो दशकों में भारत और वेस्टइंडीज के बीच कुल 50 वनडे मैच खेले गए थे। भारत को 17 वनडे में जीत हासिल हुई थी, जबकि वेस्टइंडीज ने 32 वनडे मैच में भारत को हराया था। 1 मैच टाई रहा था। इस टाइम पीरियड में वेस्टइंडीज दौरे में वनडे में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने 8 मैच खेले थे। भारत को सिर्फ एक मैच में सफलता मिली थी, जबकि सात मैच में हार का सामना करना पड़ा था।


