बांग्लादेश से टकराया ‘मोचा’ तूफान, 175 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं हवाएं

अंतर्राष्ट्रीय बांग्‍लादेश

ढाका| बांग्‍लादेश के तटीय इलाकों से चक्रवाती तूफान मोका टकरा गया है। इसके चलते बांग्‍लादेश के तटीय इलाकों में 195 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। बांग्लादेश के मौसम विभाग के अनुसार, पिछले दो दशकों में मोका देश में आया सबसे ताकतवर तूफान हो सकता है। मोका का असर म्यांमार के भी कई क्षेत्रों में भी पड़़ा है। वहां तूफानी तेज बारिश हो रही है। मोका की रफ्तार 250 किमी/घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। मोका तूफान की वजह से कोरल आइलैंड सेंट मार्टिन के डूबने का खतरा है। फिलहाल, एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है। मछुआरों से समुद्र में न जाने के लिए चेतावनी दे दी गई है। शनिवार रात मोका मध्य और इससे सटे दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। इसका असर दुनिया के सबसे बड़े रिफ्यूजी कैंप पर भी पड़ सकता है।

वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, साइक्लोन के चलते अगर बाढ़ या लैंडस्लाइड होता है तो ये बांग्लादेश-म्यांमार बॉर्डर पर स्थित रोहिंग्या रिफ्यूजी कैंप को तबाह कर सकता है। इस रिफ्यूजी कैंप में करीब 8 लाख 80 हजार रोहिंग्या रहते हैं। हालांकि पांच लाख लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि बीते 6 घंटों में 15 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चक्रवाती तूफान उत्तर और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ा। 14 मई की शाम तक तूफान के बांग्लादेश के कॉक्स बाजार और म्यांमार के क्यौकप्यू को पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की स्पीड 150-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 175 किमी प्रति घंटा हो सकती है।मोका तूफान के चलते मौसम खराब होने से कोलकाता से पोर्ट ब्लेयर जाने वाली विस्तारा की फ्लाइट को यू-टर्न लेना पड़ा। इस फ्लाइट ने कोलकाता एयरपोर्ट से सुबह 9:05 बजे पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़ान भरी। इसे 11:40 बजे पोर्ट ब्लेयर पर लैंड करना था, लेकिन मोका तूफान की वजह से यहां मौसम खराब हो गया। इसके चलते इसे वापस कोलकाता के लिए मोड़ दिया गया।

Leave a Reply