बड़वानी। भीषण गर्मी के चलते जहां एक ओर वन्य प्राणी भोजन-पानी के लिए आबादी क्षेत्रों की ओर रूख करने लगे है। वहीं जिले के नर्मदा पट्टी क्षेत्र में बैकवाटर बढ़ने से वन्य प्राणी खेत-खलिहानों में नजर आने लगे है। शहर से सटे एकलरा बसाहट के पास खेत में बीती बुधवार-गुरुवार रात्रि जंगली जानवर ने बाड़े में बंधे पशुओं पर हमला बोला। इस दौरान एक गाय के बछड़े को घसीटकर ले गया और शिकार किया। गुरुवार सुबह बछड़े का क्षत विक्षित शव खेत के पाया गया। खेतों में तेंदूए की दस्तक से ग्रामीणों व किसान-मजदूरों में दशहत फैल गई। यह घटना नवीन कुमार जैन के एकलरा बसाहट के समीप खेत में हुई।
उन्होंने बताया कि खेत में एक और केले की फसल लगी है, जो पककर तैयार है। वहीं दूसरी ओर खेत में कपास की बोवनी की है। खेती के लिए पशु भी बांधते है। बीती रात्रि कमरे व बावड़ी के पास बाड़े में भैंस, बैल सहित करीब 5 पशु बाहर बंधे थे। सुबह मजदूरों ने सूचना दी कि तेंदूए ने गाय के बछड़े का शिकार किया। बसाहट के पास सघन खेत व घनी झाड़ियां होने से रात में मजदूर भी रहने की हिम्मत नहीं दिखाते। मजदूर दिन में खेत में काम कर शाम 6 बजे चले जाते है। बाड़े के अलावा पास में बने कक्ष में भी पशु बंधे थे, जो सुरक्षित रहे। जानवरों की दहशत से मजदूर भी पहरेदारी नहीं कर रहे है।
बेकवाटर बढ़ने से खेतों में आ रहे वन्य प्राणी
खेत में काम करने वाले राजकुमार ठाकुर ने बताया कि खेतों में पिछले कई दिनों से देर शाम के बाद से ही तेंदूआ व लकड़बग्गा जैसी घातक वन्य प्राणियों की आवाजाही होने लगी है। कुछ दिन पूर्व ही पास के खेत में तेंदूआ देखा गया था। नर्मदा किनारा भी दो-ढाई किमी दूर है। बेकवाटर बढ़ने टीले के पहाड़ों में बने वन्य जीवों की मांद में पानी घुसने लगा है। ऐसे में वन्य प्राणी ऊपरी क्षेत्र के खेतों की ओर विचरण करने लगे है।


