बजट : मध्य प्रदेश की सात करोड़

बजट : मध्य प्रदेश की सात करोड़ जन आकांक्षाओं का जीवंत दस्तावेज

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सीएम यादव को भरोसा : समृद्ध मध्य प्रदेश की नींव बनेगा अगला बजटबजट : मध्य प्रदेश की सात करोड़ जन आकांक्षाओं का जीवंत दस्तावेज : मध्य प्रदेश की धरा पर विकास और जनकल्याण के एक नए युग का सूत्रपात करते हुए शासन द्वारा प्रस्तुत वर्तमान बजट केवल अंकों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि सात करोड़ प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं का जीवंत दस्तावेज़ है। यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प और अंत्योदय की भावना के बीच एक आदर्श संतुलन स्थापित करता है। वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ अधोसंरचना और सामाजिक सरोकारों पर दिया गया यह जोर मध्य प्रदेश को ‘स्वर्णिम मध्य प्रदेश’ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। बजट की सबसे बड़ी खूबी इसकी सर्वसमावेशी दृष्टि है, जिसमें किसान, महिला, युवा और श्रमिक—सभी के लिए प्रगति के द्वार खोले गए हैं। राज्य सरकार ने अपनी दूरदर्शिता का परिचय देते हुए राजस्व प्राप्तियों में वृद्धि के साथ-साथ पूंजीगत व्यय को प्राथमिकता दी है, जो दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए अनिवार्य है। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते, खेती-किसानी को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में सिंचाई परियोजनाओं और उन्नत बीज वितरण के लिए जो प्रावधान किए गए हैं, वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को और मजबूती प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान कल्याण योजनाओं के लिए आवंटित राशि किसानों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बजट का बढ़ा हुआ आवंटन इस बात का प्रमाण है कि सरकार मानव संसाधन के विकास को ही वास्तविक निवेश मानती है। स्कूलों में ‘सीएम राइज’ जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं और जिला अस्पतालों में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचना तय है। महिला सशक्तिकरण इस बजट का एक उज्ज्वल अध्याय है। ‘लाड़ली बहना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्वावलंबिता को जो बल मिला है, वह न केवल सामाजिक ढांचे को बदल रहा है बल्कि राज्य की जीडीपी में महिलाओं की भागीदारी को भी सुनिश्चित कर रहा है। अधोसंरचना के मोर्चे पर, सड़कों का जाल बिछाने और एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए की गई घोषणाएं औद्योगिकीकरण और व्यापार को नई गति देंगी। बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर दिया गया ध्यान पर्यावरणीय चिंताओं के प्रति राज्य की गंभीरता को प्रकट करता है। युवाओं के लिए कौशल विकास और उद्यमिता के नए अवसरों का सृजन बजट का एक और सराहनीय पक्ष है, जिससे प्रदेश का युवा केवल नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनेगा। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘लोक’ और सर्किट निर्माण की योजनाएं मध्य प्रदेश की समृद्ध विरासत को विश्व पटल पर स्थापित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अपार अवसर पैदा करेंगी। यह बजट लोक-लुभावन घोषणाओं के जाल में फंसने के बजाय यथार्थवादी और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाता है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखते हुए विकास की गति को बनाए रखा है, जो कुशल आर्थिक प्रबंधन का परिचायक है। औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए दी गई रियायतें और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की दिशा में उठाए गए कदम मध्य प्रदेश को देश का एक प्रमुख इंडस्ट्रियल हब बनाने की क्षमता रखते हैं। अंततः, यह बजट आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक रोडमैप है, जो प्रदेश की जनता के भरोसे को और गहरा करता है। समावेशी विकास, सुदृढ़ बुनियादी ढांचा और सामाजिक न्याय की त्रिवेणी से सजा यह बजट निश्चित रूप से मध्य प्रदेश को देश के सबसे अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा करने का सामर्थ्य रखता है। यह एक ऐसा बजट है जो वर्तमान की चुनौतियों का समाधान भी करता है और भविष्य की समृद्ध संभावनाओं की नींव भी रखता है, जिससे हर नागरिक के जीवन में खुशहाली और संपन्नता का मार्ग प्रशस्त होगा।

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