बच्चों और किसानों के सर्वांगीण विकास को पंख दे रही मोहन यादव सरकार

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बीते शिक्षण सत्र में 12वीं की परीक्षा सर्वोच्च नंबरों से उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों की खुशियां और उनके हौसले सातवें आसमान पर हैं। कारण, मध्य प्रदेश शासन द्वारा उन्हें इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी तोहफे में दी जा रही हैं। प्रतीकात्मक तौर पर प्रदेश भर में आदर्श स्थान प्राप्त करने वाले 10 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने हाथों से स्कूटी की चाबियां सौंपीं और सभी का हौसला बढ़ाया। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए न केवल बच्चों को स्कूटी प्रदान की, बल्कि उनकी खुशियों में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री एक मेधावी छात्रा की स्कूटी पर सवार हुए और उक्त छात्रा से आग्रह किया कि वह उन्हें घूमाने ले चले। बाद में स्वयं डॉक्टर मोहन यादव ने भी वह स्कूटी चलाई और छात्र को घूमाकर उसकी खुशियों में चार चांद लगा दिए। विपक्ष भले ही मध्य प्रदेश शासन की इस कार्य प्रणाली की प्रशंसा ना करे, लेकिन सत्य बात यही है कि यह योजना मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों को नया हौसला प्रदान करने वाली है। इससे विद्यार्थियों के बीच पढ़ाई को लेकर एक साफ सुथरी प्रतिस्पर्धा स्थापित होने वाली है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि जिन बालक बालिकाओं को इस वर्ष स्कूटी मिली है, उन्हें देखकर उनके मोहल्ले, गांव, नगर और जिले के अन्य विद्यार्थी प्रेरणा प्राप्त करेंगे तथा बढ़-चढ़कर अच्छा पढ़ने एवं पढ़ाई में अच्छे नंबर लाने की जद्दोजहद में जुट जाएंगे। उल्लेखनीय है कि चुनावी कामयाबी हासिल करने के लिए अनेक राजनीतिक दल और विभिन्न राज्यों की सरकारें सत्ता पर काबिज होने अथवा सत्ता में बने रहने के लिए अनेक ऐसी योजनाएं प्रस्तुत करने में लगे हुए हैं, जिन्हें केवल और केवल मुफ्त की रेवड़ी का तमगा ही दिया जा सकता है। लेकिन बगैर चुनावी मौसम के विद्यार्थियों को अच्छे नंबर प्राप्त करने पर उन्हें पुरस्कृत, सम्मानित करते हुए अपने हाथों से स्कूटियां प्रदान करना बेहद सराहनीय कदम ही कहा जाएगा। इससे पुरस्कृत हुए विद्यार्थी आगामी कक्षाओं में और अधिक अच्छा प्रदर्शन करने हेतु प्रोत्साहित होंगे। वहीं उनकी सफलताओं को देखकर दूसरे छात्र-छात्राएं भी कुछ बेहतर करने के प्रयासों में संलग्न हो जाएंगे। जाहिर है जब प्रदेश के किशोर और युवा शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए मापदंड स्थापित करेंगे तो यहां का भविष्य उज्जवल होना ही है। क्योंकि शिक्षा ईश्वर की वह खूबसूरत देन है जो हमसे कोई नहीं छीन सकता। यह एक ऐसी अनोखी चीज है जो चोरी नहीं की जा सकती। जबरदस्ती छीनी नहीं जा सकती। सबसे अच्छी बात तो यह है कि इसे जितना बांटा जाए यह उतनी ही बढ़ती जाती है। यही नहीं, जो राज्य अथवा देश के लोग शिक्षित होते हैं वहां संस्कार और संस्कृति और अधिक मजबूती पाती हैं। इसी के साथ विकास को नए पंख लग जाते हैं। यहां एक बात स्पष्ट कर दें कि मध्य प्रदेश में ऐसे लगभग 8000 विद्यार्थी हैं जिन्हें ई स्कूटी वितरित की जा रही हैं। इनमें से 1837 बच्चे आदिवासी क्षेत्र के भी बताए जा रहे हैं। आशय यह कि शिक्षा के क्षेत्र में अब केवल शहर अर्थात नगर ही नहीं बल्कि वह क्षेत्र भी किसी से पीछे नहीं हैं जो आदिवासी बाहुल्य होने के चलते अभी तक केवल वन संपदा के सीमित संसाधनों पर आश्रित होने के लिए अभिशप्त बने हुए थे। लेकिन अब आदिवासी क्षेत्र के केवल छात्र ही नहीं छात्राएं भी उत्कृष्ट नंबरों के साथ बोर्ड की परीक्षाएं उत्तीर्ण कर रही हैं। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि शिक्षा के क्षेत्र में मध्य प्रदेश अब नए कीर्तिमान रचने जा रहा है। क्यों न रचें ! जबकि स्वयं मध्य प्रदेश की सरकार और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव बच्चों को पठन-पाठन के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कटिबद्ध नजर आते हैं। दूसरी उल्लेखनीय घटना किसानों और सरकार के बीच स्थापित विश्वास के माहौल की देखने को मिली। सभी जानते हैं कि मध्य प्रदेश स्तर पर किसानों के एक राष्ट्रीय संगठन द्वारा आंदोलन की घोषणा की गई थी। किसानों की मांगों का उल्लेख करते हुए मंत्रालय को घेरने का संकल्प भी जाहिर किया गया था। विपक्ष की ओर से भी किसानों की महत्वाकांक्षाओं को और अधिक हवा देने के प्रसंग लगातार देखने को मिल रहे थे । आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं कि जिस प्रकार हरियाणा और पंजाब के किसान कथित रूप से दिल्ली में केंद्र सरकार का विरोध कर रहे हैं, उसी प्रकार अब मध्य प्रदेश में भी किसानों का एक बहुत बड़ा संगठन सरकार का विरोध करने हेतु मंत्रालय को घेरने जा रहा है। लेकिन अच्छी बात यह रही कि सरकार ने मामले को प्रतिष्ठा का प्रश्न ना बनाते हुए यहां उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को आगे कर दिया। उन्होंने स्वयं जाकर किसानों की समस्याएं प्राप्त कीं और उनका ज्ञापन स्वीकार किया। साथ में यह विश्वास जलाया कि आप मुझे सरकार का प्रतिनिधि होने के साथ-साथ मध्य प्रदेश शासन के भीतर किसानों के प्रतिनिधि के रूप में भी देख सकते हैं या फिर यह मान सकते हैं कि मध्य प्रदेश की पूरी सरकार किसानों के साथ खड़ी हुई है। उनकी हर एक जायज मांग पर पूरी उदारता के साथ केवल विचार ही नहीं होगा, बल्कि समस्या के प्रत्येक निराकरण के सच्चे प्रयास किए जाएंगे। इन दोनों मामलों को मिलाकर देखा जाए तो यह दावे के साथ कहा जा सकता है कि मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार प्रत्येक मोर्चे पर सफलता के साथ आगे बढ़ रही है। इसे आम जनता का भी बेहतर समर्थन मिल रहा है। क्योंकि सरकार का हर कदम लोक हित में उठता स्पष्ट नजर आ रहा है।

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