एजेंसी, नई दिल्ली। भारत सरकार ने उन तमाम अमेरिकी दावों की हवा निकाल दी है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान पर हमले के लिए भारतीय समुद्री तटों और बंदरगाहों का उपयोग कर रहा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इन बयानों को पूरी तरह से आधारहीन, बेबुनियाद और सच्चाई से परे बताया है। यह तीखी प्रतिक्रिया पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी कर्नल डगलस मैकग्रेगर के उस विवादित साक्षात्कार के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के विरुद्ध युद्ध में अमेरिकी नौसेना अब भारतीय नौसैनिक अड्डों और बंदरगाहों के भरोसे टिकी है।
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मैकग्रेगर ने एक समाचार चैनल को दिए बयान में दावा किया था कि अमेरिका के अपने सभी सैन्य ठिकाने और बंदरगाह सुविधाएं नष्ट हो चुकी हैं, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में भारत पर निर्भर होना पड़ रहा है। हालांकि, भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि उसके किसी भी बंदरगाह का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान या ऑपरेशन में नहीं किया जा रहा है। यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। भारत ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी देशों से संयम बरतने की अपील की है। भारत सरकार ने जोर देकर कहा है कि युद्ध को और बढ़ने से रोका जाना चाहिए और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और शांतिपूर्ण नीति पर अडिग है।


