चंडीगढ़| प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पी.ई.सी.) में हाल ही में लागू किए गए 3 नए आपराधिक कानूनों भारतीय दंड संहिता, भारतीय सिविल रक्षा कोड और भारतीय सबूत एक्ट की समीक्षा की। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी मौके पर मौजूद रहे। चंडीगढ़ की SSP कनवरदीप कौर ने पीएम मोदी, अमित शाह और पंजाब के राज्यपाल तथा चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को प्रदर्शनी दिखाई। पीएम को केस दर्ज करने से लेकर जांच तक की प्रक्रिया और अपराधियों को जेल में कैसे रखा जाता है, इसके बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि नए कानूनों के अनुसार चंडीगढ़ में 900 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 4 मामलों में फैसले भी लिए गए हैं। सभी थानों का कंप्यूटरीकरण कर दिया गया है। पुलिस के पास नई तकनीक आई है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों को इंसाफ के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।
नए कानूनों के तहत लोगों को यह अधिकार दिया गया है कि वे किसी भी भाषा में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्हें हिंदी या अंग्रेजी का ज्ञान होना जरूरी नहीं है। उनकी शिकायत थाने में जरूर की जाएगी। लोग कहीं भी बैठकर अपनी शिकाय त दर्ज करा सकेंगे और उन्हें थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पुलिस अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को मामलों को हल करने के तरीकों के बारे में बताया। हत्या का दृश्य पीएम के सामने दिखाया गया। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद पुलिस का अगला कदम क्या है, सबूतों और तथ्यों को एकत्र करने से लेकर तथ्यों का इस्तेमाल कैसे किया जाता है, फोरेंसिक टीम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा, इसके बारे में बताया। इस केस की व्याख्या करने के लिए अदालत का गठन भी किया गया है, जिसमें मुकदमे की सुनवाई से लेकर दोषियों को सजा तक की प्रक्रिया बताई गई।


