एजेंसी, पुडुचेरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विकास के लिए सत्ताइस सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए रिकॉर्ड बारह लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिसका सीधा लाभ पुडुचेरी के नागरिकों को मिलेगा। उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि पुडुचेरी को अब ‘राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता’ योजना में शामिल कर लिया गया है। यह सुविधा पहले केवल पूर्ण राज्यों तक सीमित थी, लेकिन अब इससे पुडुचेरी में सड़क, जल आपूर्ति, विद्यालय और अस्पतालों जैसे जनहित के कार्यों के लिए अतिरिक्त धन उपलब्ध हो सकेगा।
औद्योगिक और आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहल
पुडुचेरी के औद्योगिक स्वरूप को बदलने के लिए प्रधानमंत्री ने साढ़े सात सौ एकड़ में फैले करसुर-सेदारापेट औद्योगिक क्षेत्र को जनता को समर्पित किया। यह विशाल परिसर भविष्य में दवा उद्योग, कपड़ा उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी के केंद्रों का मुख्य केंद्र बनेगा। इसके साथ ही यहाँ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास का एक आधुनिक अनुसंधान केंद्र और जिपमेर की उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक प्रगति को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनाना है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी को संतों, कवियों और स्वतंत्रता सेनानियों की पवित्र भूमि बताते हुए महाकवि सुब्रमण्यम भारती और श्री अरबिंदो के योगदान को याद किया।
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व्यापार, शिक्षा, आध्यात्मिकता और पर्यटन पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने ‘बेस्ट पुडुचेरी’ मंत्र को दोहराते हुए कहा कि इसका अर्थ व्यापार, शिक्षा, आध्यात्मिकता और पर्यटन है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में पुडुचेरी में सुशासन और विकास हुआ है। जब केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश एक ही लक्ष्य के साथ काम करते हैं, तो परिणाम बेहतर आते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पुडुचेरी ने प्रति व्यक्ति आय और सामाजिक प्रगति के मानकों में देश में उच्च स्थान प्राप्त किया है।
स्मार्ट शहरी सेवाएं और आधुनिक यातायात
शहरी जीवन को आसान बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा’ के तहत बिजली से चलने वाली बसों के परिचालन की शुरुआत की। साथ ही, स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत ‘एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र’ का उद्घाटन किया गया, जो शहर के प्रबंधन को तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए नए आवास परिसरों का लोकार्पण भी किया गया।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश
शिक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कराईकल में डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक और गंगा छात्रावास का उद्घाटन किया। पांडिचेरी विश्वविद्यालय में भी नए भवनों और छात्रावासों की सुविधा जोड़ी गई है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिपमेर के क्षेत्रीय कैंसर केंद्र का आधुनिकीकरण किया गया है, जिससे मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार मिल सकेगा।
बेहतर संपर्क और पर्यावरण संरक्षण
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-332ए के मरक्कानम-पुडुचेरी खंड को चार लेन बनाने की आधारशिला रखी, जिससे यात्रा का समय आधा रह जाएगा। यह सड़क पुडुचेरी को महाबलीपुरम जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए इकतालीस नई सड़कों के निर्माण की नींव भी रखी गई। पर्यावरण संरक्षण के लिए मैंग्रोव वनों की बहाली और पुडुचेरी के ऐतिहासिक ‘हेरिटेज टाउन’ के विकास की भी शुरुआत की गई।


