एजेंसी, नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण की एक प्रति लेकर संसद पहुंचे और इसके एक अंश का हवाला देते हुए दावा किया कि जब चीन के टैंक भारत की सीमा की तरफ बढ़ रहे थे, उस वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन नहीं किया था। उनका कहना था कि यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में आते हैं तो वह यह पुस्तक उन्हें भेंट करेंगे।
उन्होंने संवाददाताओं को पुस्तक दिखाते हुए कहा, ”वे (सरकार) कहते हैं कि यह किताब अस्तित्व में नहीं है, लेकिन यह रही किताब। भारत के हर युवा को यह देखना चाहिए कि यह किताब मौजूद है।यह नरवणे जी की किताब है,, लेकिन मुझे कहा गया है कि मैं इसके अंश उद्धृत नहीं कर सकता।” राहुल गांधी ने दावा किया कि इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कही एक लाइन है कि ”जो उचित समझो, वो करो।” कांग्रेस नेता ने कहा, ”नरवणे जी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी को फोन कर बताया कि सीमा पर चीन के टैंक आ गए हैं, हमें क्या करना है? लेकिन तब राजनाथ सिंह जी का कोई उत्तर नहीं आया। नरवणे जी ने उन्हें फिर फोन किया, जिस पर रक्षा मंत्री ने कहा- मैं ‘ऊपर’ से पूछता हूं। ‘ऊपर’ से आदेश आया कि जब चीन की सेना हमारी सीमा के अंदर आए तो बिना हमसे पूछे फायर नहीं करें।”
उनका कहना था, ”हमारी सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी, क्योंकि वो भारत की सीमा में घुस आए थे। लेकिन इस मुश्किल समय में नरेन्द्र मोदी जी ने संदेश दिया- “जो उचित समझो, वो करो।” मतलब प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की और सेना से कहा कि आपको जो करना है करो, मेरे बस की नहीं है।” राहुल गांधी के मुताबिक, तत्कालीन सेना प्रमुख नरवणे ने अपनी किताब में साफ लिखा है, ”मुझे बहुत अकेलापन महसूस हुआ, पूरे सिस्टम ने मुझे छोड़ दिया था।” कांग्रेस नेता ने दावा किया, ”मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री में आज लोकसभा में आने की हिम्मत है क्योंकि अगर वह आते हैं, तो मैं खुद जाकर उन्हें यह किताब दूंगा।” राहुल गांधी निचले सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान इस संस्मरण के कुछ अंश उद्धृत करना चाहते थे, लेकिन आसन से इसकी अनुमति नहीं मिली। इसे लेकर बीते सोमवार से लोकसभा में गतिरोध बना हुआ है।
संसद परिसर में तीखी नोकझोंक, राहुल गांधी ने मंत्री रवनीत बिट्टू को बताया ‘गद्दार’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक देखने को मिली जब संसद परिसर में कांग्रेस नेता ने उन्हें ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया और उसके जवाब में बिट्टू ने कांग्रेस नेताओं को ‘देश के दुश्मन’ बताया। यह घटना संसद के मकर द्वार के निकट घटी, जब वहां वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेस के नेता रह चुके बिट्टू संसद भवन में प्रवेश कर रहे थे और वह टिप्पणी करते सुने गए कि ये (प्रदर्शन कर रहे सांसद) जंग जीतकर आए हैं। इस पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, ”देखिए यहां एक गद्दार चला आ रहा है…मेरे गद्दार मित्र, चिंता मत करो, वापस आ जाओ।” इस पर बिट्टू ने कहा कि ”ये देश के दुश्मन हैं।” राहुल गांधी ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री बिट्टू से हाथ मिलाने का प्रयास किया, हालांकि भाजपा नेता ने हाथ नहीं मिलाया और सीधे संसद भवन के अंदर चले गए।
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राहुल गांधी के ‘गद्दार’ तंज पर बीजेपी का पलटवार: सिख नेताओं ने घेरा, कहा- राहुल गांधी ने हमेशा अपमान किया
संसद परिसर में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक अब राजनीतिक तूफान बन चुकी है। राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान बिट्टू को “मेरे गद्दार दोस्त” कहकर संबोधित किया और मजाकिया अंदाज में हाथ मिलाने की कोशिश की, साथ ही कहा कि वे वापस कांग्रेस में लौट आएंगे। बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और पलटवार में राहुल को “देश का दुश्मन” करार दिया। इस घटना के बाद बीजेपी ने अपनी सिख नेताओं की पूरी ताकत झोंक दी। पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी पर सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का गंभीर आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि “गद्दार” जैसे शब्द का इस्तेमाल बेहद गंभीर है, क्योंकि इसका मतलब देश के साथ विश्वासघात करने वाला होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल सिर्फ इसलिए नाराज हैं क्योंकि बिट्टू ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन की। पुरी ने कहा, “एक पगड़ी पहनने वाले शख्स के पार्टी छोड़ने पर उसे गद्दार कहना अस्वीकार्य है। संसद में और बाहर चर्चा शालीनता से होनी चाहिए।” उन्होंने बिट्टू के परिवार के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे बयान सिख समुदाय के लिए अपमानजनक हैं। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राहुल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सिखों के प्रति नफरत रखते हैं। कभी उन्हें आतंकी बताते हैं, तो कभी देश बांटने वाला। सिरसा ने 1984 के दंगों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने सिखों के गले में टायर डालकर आग लगाने का काम किया और अखबारों में इश्तहार देकर उन्हें आतंकी बताया।
उन्होंने कहा, “असली गद्दार गांधी परिवार है, जो सिखों के खिलाफ जहर फैलाता रहा है।” पूर्व कांग्रेस नेता और बीजेपी के अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि सिख समुदाय में राहुल के बयान से भारी आक्रोश है। उन्होंने पूछा, “जिस व्यक्ति के दादा ने देश के लिए प्राण त्याग दिए, वो कैसे गद्दार हो गया?” लवली ने आरोप लगाया कि राहुल पहले भी सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते रहे हैं और अब समुदाय उन्हें माफ नहीं करेगा। यह विवाद तब और गहरा गया जब बीजेपी ने इसे सिख समुदाय के खिलाफ कांग्रेस की पुरानी सोच से जोड़ दिया। बिट्टू, जो पहले कांग्रेस में थे और अब बीजेपी में केंद्रीय मंत्री हैं, के परिवार का इतिहास देशभक्ति से जुड़ा है। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है, जहां बीजेपी सिख नेताओं को आगे करके राहुल गांधी को घेर रही है।


