एजेंसी, नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में बंदी बनाए गए भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को जमानत दे दी है। चिब को उनकी चार दिवसीय पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के पश्चात शुक्रवार देर रात लगभग एक बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इससे पूर्व न्यायालय ने 24 फरवरी को चिब को चार दिनों के लिए पुलिस की निगरानी में भेजा था। ड्यूटी मजिस्ट्रेट वंशिका मेहता दिल्ली पुलिस की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही थीं, जिसमें चिब की हिरासत को सात दिन और बढ़ाने की मांग की गई थी।
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हालांकि, न्यायालय ने पुलिस की याचिका को अस्वीकार करते हुए चिब को जमानत दे दी। मीडिया से वार्ता करते हुए चिब के वकील ने जानकारी दी कि मजिस्ट्रेट ने 50,000 रुपये के मुचलके के साथ उनके मुवक्किल को अपना पासपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा करने का निर्देश दिया है। वकील ने आगे बताया कि जमानत आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि पुलिस की अपराध शाखा उदय भानु चिब की पुलिस हिरासत बढ़ाने के ठोस कारण बताने में असमर्थ रही है। ज्ञात हो कि न्यायालय ने 24 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में हुए प्रदर्शन में उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ करने के लिए चार दिन की हिरासत की अनुमति दी थी। भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों ने इस सम्मेलन में अपनी कमीज उतारकर विरोध प्रदर्शित किया था। उन्होंने कमीजों के नीचे ऐसी टी-शर्ट पहन रखी थीं, जिन पर सरकार और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरुद्ध नारे लिखे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की कार्यक्रम स्थल पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर झड़प भी हुई थी।


