एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए इसे ऊर्जा और उत्साह से भरा त्योहार बताया। राष्ट्र के नाम एक पत्र में उन्होंने कहा कि यह दीपावली अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद दूसरा उत्सव है। प्रधानमंत्री ने भगवान राम के जीवन से सीख लेते हुए ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की। इसके बारे में उन्होंने कहा कि इसने धर्म की रक्षा की और अन्याय का बदला लिया। भगवान श्री राम हमें धर्म की रक्षा करना सिखाते हैं और अन्याय से लड़ने का साहस भी देते हैं। इसका जीता जागता उदाहरण हमने कुछ महीने पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने न केवल धर्म की रक्षा की, बल्कि अन्याय का बदला भी लिया।’ इस दीपावली के महत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दीप उन दूरदराज के इलाकों सहित कई जिलों को रोशन करेंगे जहाँ नक्सलवाद और माओवादी आतंकवाद का सफाया हो चुका है। उन्होंने उन लोगों की सराहना की जिन्होंने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने, नक्सलवाद को त्यागने और संविधान को अपनाने का साहस दिखाया है। उन्होंने इसे भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा,’यह दीपावली विशेष रूप से इसलिए खास है क्योंकि पहली बार देश भर के कई जिलों में जिनमें दूरदराज के इलाके भी शामिल हैं, दीप जलाए जाएँगे ये वे जिले हैं जहाँ नक्सलवाद और माओवादी आतंकवाद का जड़ से सफाया हो चुका है।
हाल के दिनों में हमने कई लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होते और हमारे देश के संविधान में आस्था व्यक्त करते देखा है। यह देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।’ प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में किए गए अगली पीढ़ी के सुधारों पर भी जोर दिया। इनमें नवरात्रि के पहले दिन कम जीएसटी दरों को लागू करना भी शामिल है। पत्र में लिखा, ‘इन ऐतिहासिक उपलब्धियों के बीच देश ने हाल के दिनों में अगली पीढ़ी के सुधारों की भी शुरुआत की है। नवरात्रि के पहले दिन, कम जीएसटी दरें लागू की गई। इस जीएसटी बचत उत्सव के दौरान नागरिक हजारों करोड़ रुपये बचा रहे हैं। कई संकटों से गुजर रही दुनिया में भारत स्थिरता और संवेदनशीलता दोनों का प्रतीक बनकर उभरा है। हम निकट भविष्य में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर भी अग्रसर हैं।’ प्रधानमंत्री ने नागरिकों से विकसित और आत्मनिर्भर भारत में योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पत्र में आगे कहा, ‘एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की इस यात्रा में नागरिकों के रूप में हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करना है। आइए हम स्वदेशी (स्थानीय उत्पाद) अपनाएं और गर्व से कहें, ‘यह स्वदेशी है!’ आइए हम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा दें। आइए हम सभी भाषाओं का सम्मान करें। आइए हम स्वच्छता बनाए रखें। आइए हम अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। आइए हम अपने भोजन में तेल का उपयोग 10फीसदी कम करें और योग को अपनाएं। ये सभी प्रयास हमें तेजी से विकसित भारत की ओर ले जाएंगे।


