एजेंसी, कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को “विकसित बांग्ला विकसित भारत” की थीम पर यहां 5200 करोड़ रुपए की लागत वाली तीन मेट्रो रेल सेवाओं की शुरुआत और छह लेन वाले एलिवेटेड कोना एक्सप्रेस-वे राष्ट्रीय राजमार्ग 12 की आधारशिला रखी। इन तीन मेट्रो सेवाओं में कोलकाता मेट्रो की ग्रीन लाइन पर 2.45 किलोमीटर लंबी एस्प्लानेड–सियालदह मेट्रो सेक्शन, येलो लाइन पर 6.77 किलोमीटर लंबी नोआपाड़ा–जय हिंद विमानबंदर मेट्रो सेक्शन और ऑरेंज लाइन पर 4.4 किलोमीटर लंबी हेमंत मुखोपाध्याय–बेलेघाटा मेट्रो सेक्शन का उद्घाटन किया और तीनों ही लाइनों पर मेट्रो ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भारत में मेट्रो सेवा की नींव रखने वाला शहर कोलकाता अब मेट्रो नेटवर्क के मामले में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। अब हर दिन कोलकाता मेट्रो से करीब 9.15 लाख यात्री सफर कर सकेंगे। इस बदलाव की बुनियाद बनी है। इन नई सेवाओं से अधिक ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी, इंतज़ार का समय घटेगा और भीड़-भाड़ से राहत मिलेगी।
ग्रीन लाइन– एस्प्लानेड से सियालदह (2.45 किमी) यह सेक्शन शहर के लिए सबसे बड़ी राहत लेकर आया है। अभी हावड़ा और सियालदह जैसे दो बड़े रेलवे टर्मिनलों के बीच पहुँचने में सड़क से 40–45 मिनट तक लगते हैं। अब मेट्रो से यह सफर सिर्फ़ 11 मिनट में पूरा होगा। रोज़ाना लाखों यात्रियों के लिए यह समय बचत किसी वरदान से कम नहीं होगी। दूसरी बड़ी उपलब्धि नोआपाड़ा से जय हिंद विमानबंदर तक 6.77 किमी लम्बी येलो लाइन है। इस लाइन के शुरू होने पर एयरपोर्ट तक पहुँचने के लिए सड़क से यात्रा करने वालों को नया विकल्प मिलेगा। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री, एयरलाइन स्टाफ और एयरपोर्ट कर्मचारी सब तेज़, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव करेंगे। दमदम कैंटोनमेंट से इंटरचेंज सुविधा मिलने से पूरे शहर और प्रमुख रेलवे स्टेशनों तक सीधा कनेक्शन भी आसान हो जाएगा। एस्प्लानेड से एयरपोर्ट तक अब यह दूरी सिर्फ़ 30 मिनट में पूरी होगी। तीसरी कड़ी है ऑरेंज लाइन – हेमंत मुखोपाध्याय से बेलेघाटा (4.4 किमी) है। यह विस्तार साइंस सिटी, बड़े अस्पतालों, स्कूलों और व्यावसायिक केंद्रों को जोड़ेगा। यात्रियों की संख्या यहाँ दोगुनी होने की उम्मीद है।
खास बात यह है कि बेलेघाटा से कवि सुभाष तक की यात्रा भी अब सिर्फ़ 32 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे दक्षिण कोलकाता और पूर्वी कोलकाता के बीच सफर बेहद आसान हो जाएगा। इन नई मेट्रो लाइनों से न सिर्फ़ कोलकाता बल्कि उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना के यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। जिस दूरी को तय करने में पहले घंटों लग जाते थे, अब वही सफर कुछ ही मिनटों में पूरा होगा। शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुँचना अब पहले से कहीं अधिक सहज और तेज़ हो जाएगा। प्रधानमंत्री 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 7.2 किलोमीटर लंबे छह-लेन एलिवेटेड कोना एक्सप्रेसवे की आधारशिला भी रखेंगे। यह हावड़ा, आसपास के ग्रामीण इलाकों और कोलकाता के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा, जिससे यात्रा के समय में बचत होगी और क्षेत्र में कारोबार, वाणिज्य और पर्यटन को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
सत्ता की भूख मिटाने के लिए बंगाल में घुसपैठ को बढ़ावा दे रही तृणमूल कांग्रेस, प्रधानमंत्री मोदी का ममता सरकार पर कड़ा प्रहार
कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर शुक्रवार को कड़ा प्रहार करते हुए उस पर अपनी “सत्ता की भूख” मिटाने के लिए घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उत्तर 24 परगना के दमदम इलाके में एक रैली को संबोधित करते हुए, मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार ने घुसपैठियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जो “पश्चिम बंगाल की जनसांख्यिकी बदल रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया, “यह देश अब घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं कर सकता। हम उन्हें भारत में नहीं रहने देंगे, इसीलिए हमारी सरकार ने घुसपैठियों के खिलाफ इतना बड़ा अभियान चलाया है। मुझे आश्चर्य है कि तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस समेत कुछ राजनीतिक दल तुष्टिकरण की राजनीति के आगे झुक गए हैं। सत्ता की भूख में ये दल घुसपैठ को बढ़ावा दे रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि घुसपैठिए बंगाल और देश छोड़कर चले जाएं, तृणमूल कांग्रेस सरकार को जाना होगा। केवल आपका वोट ही यह सुनिश्चित कर सकता है कि इन घुसपैठियों को देश से बाहर खदेड़ा जाए।” सीमावर्ती राज्य पश्चिम बंगाल को विशेष रूप से असुरक्षित बताते हुए, मोदी ने कहा कि घुसपैठिए “अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल रहे हैं और हमारी माताओं और बहनों पर अत्याचार कर रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर बंगाल में विकास में बाधा डालने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के पास राज्य के विकास के लिए एक “ठोस खाका” है।


