पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा शुरू, प्रदेश में मंदिरों और नेशनल पार्क तक आसान हवाई सफर 

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एजेंसी, मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश में पर्यटन को नई रफ्तार देने के उद्देश्य से पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा की औपचारिक शुरुआत आज से कर दी गई है। इस नई सुविधा के माध्यम से श्रद्धालुओं और यात्रियों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों तक कम समय में सुरक्षित और सहज यात्रा का विकल्प मिलेगा। एमपी टूरिज़्म बोर्ड द्वारा शुरू की गई इस पहल से प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है जिसने इंटर-स्टेट हेलीकॉप्टर टूरिज़्म सेवा शुरू करने में बढ़त बनाई है।

तीन प्रमुख रूटों पर हेली सेवा संचालित 
हेली पर्यटन सेवा फिलहाल 3 प्रमुख सेक्टरों  में प्रारंभ की गई है और सप्ताह में 5 दिन उपलब्ध रहेगी। उड़ान समय में भारी कमी से यात्रियों को बहुत लाभ होगा। उज्जैन में महाकाल के दर्शन अब कुछ ही मिनटों में हो सकेंगे। भोपाल से पचमढ़ी तक का सफर करीब 1 घंटा , जबकि उज्जैन–ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग यात्रा मात्र 20–40 मिनट में पूरी होगी। पचमढ़ी में जॉय राइड सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। एक हेलीकॉप्टर में 6 यात्री यात्रा कर सकेंगे। गुरुवार से सेवा औपचारिक रूप से चालू है। पर्यटक 3 टाइगर रिज़र्व्स—कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा , साथ ही ईको टूरिज़्म व स्पिरिचुअल सेक्टर में आसानी से हवाई यात्रा कर सकेंगे। 1 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सेवा की प्रतीकात्मक शुरुआत कर दी थी, लेकिन नियमित उड़ानें 20 नवंबर से आरंभ होंगी। शेड्यूल में आम यात्रियों के लिए बुकिंग आज शामिल नहीं होने से टिकट उपलब्ध नहीं है।

डबल इंजन हेलीकॉप्टर, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत 
नई सेवा में शामिल सभी हेलीकॉप्टर डबल इंजन वाले हैं ताकि यात्रा पूर्ण रूप से सुरक्षित रहे। सांसद दर्शनसिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया, विधायक ठाकुर दास नागवंशी और विजय पाल सिंह ने ट्रायल उड़ान कर सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया। यात्रियों का वजन भी मापा गया ताकि अतिरिक्त भार न हो। छोटे-छोटे रूट बनाए गए हैं जिससे इमरजेंसी लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध रहे और बैकअप लोकेशन पहले से तय रहे।

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम 
पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि यह हेली सेवा प्रदेश के पर्यटन विकास में ऐतिहासिक कदम है। इससे तीर्थयात्रियों को आसान यात्रा मिलेगी और धार्मिक, वन्य तथा एडवेंचर पर्यटन को गति मिलेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला के अनुसार यह पहल पर्यटन निवेश को बढ़ाएगी और रोजगार के नए अवसर तैयार करेगी। पर्यटन विशेषज्ञ मानते हैं कि इस कदम से मध्यप्रदेश धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनने की ओर और आगे बढ़ गया है।

जबलपुर में मंत्री ने की उद्घाटन उड़ान 
प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए पीएमश्री हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है। भेड़ाघाट से लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने सुबह 11:20 बजे इसका शुभारंभ किया। अब जबलपुर से कान्हा, बांधवगढ़, मैहर, चित्रकूट और अमरकंटक तक पहुंचना बेहद सरल होगा। यह सेवा सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को उपलब्ध रहेगी। केंद्रीय विमानन मंत्रालय और प्रदेश पर्यटन बोर्ड की निगरानी में फ्लाई ओला कंपनी इसका संचालन करेगी। कंपनी ने भेड़ाघाट के पास हेलीकॉप्टर बेस स्थापित किया है। पर्यटकों को उनकी पसंद के पर्यटन स्थल तक पहुंचाया जाएगा। दूरी के अनुसार किराया अलग-अलग तय किया गया है। सभी स्थलों में सुरक्षित लैंडिंग के लिए बेस पॉइंट बनाए गए हैं। यात्री ऑनलाइन बुकिंग भी कर सकेंगे।

आध्यात्मिक सेक्टर में इंदौर–उज्जैन–ओंकारेश्वर मार्ग जोड़ा गया है।
-इंदौर से उज्जैन: 20 मिनट, किराया 5000 रुपये
-उज्जैन से ओंकारेश्वर: 40 मिनट, किराया 6500 रुपये
-ओंकारेश्वर से इंदौर वापसी: लगभग 5500 रुपये
इस रूट से श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे।

इको सेक्टर में:
-भोपाल से मढ़ई: 40 मिनट, किराया 4000 रुपये
-मढ़ई से पचमढ़ी: 20 मिनट, किराया 3000 रुपये
-भोपाल से पचमढ़ी सीधी उड़ान: 1 घंटा, किराया 5000 रुपये प्रति यात्री
पचमढ़ी में जॉय राइड का विकल्प उपलब्ध रहेगा ताकि प्रकृति आधारित अनुभव और भी रोमांचक हो सके।

वाइल्डलाइफ़ सेक्टर में जबलपुर को कान्हा, बांधवगढ़ और मैहर–चित्रकूट से जोड़ा गया है।
-जबलपुर–मैहर: 5000 रुपये
-मैहर–चित्रकूट: 2500 रुपये
-जबलपुर–कान्हा: 250 रुपये
-जबलपुर–बांधवगढ़: 3750 रुपये
-अमरकंटक के लिए 1 घंटे की उड़ान: 5000 रुपये
तेज कनेक्टिविटी से यात्रियों को कम समय में अधिक स्थान घूमने का अवसर मिलेगा।

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