एजेंसी, नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज से 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा। सत्र के शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगामा करना शुरू कर दिया। जिसके बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सदन में हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि उन्हें नारेबाजी करनी है तो वे सदन से बाहर चले जाएं क्योंकि सदन के भीतर ऐसा करना उचित नहीं है। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने पहलगाम आतंकी हमले और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद समेत अन्य विषयों पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। बिरला ने आसन के निकट नारेबाजी कर रहे सदस्यों से कहा कि वे सदन चलने दें ताकि यह मिथक टूटे कि सत्र के पहले दिन कार्यवाही नहीं चलेगी। उनका कहना था, ‘‘हमारा प्रयास होना चाहिए कि देश की जनता की भावनाओं के अनुरूप सदन में अपनी बात रखें और महत्वपूर्ण घटनाओं पर व्यापक चर्चा हो…प्रश्नकाल के बाद सब विषयों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।’’ बिरला ने कहा, ‘‘आप ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा करना चाहते हैं, चलिए प्रश्नकाल के बाद चर्चा करते हैं। आप बैठिए। सरकार हर चीज का जवाब देगी।’’ उन्होंने विपक्षी सदस्यों से कहा, ‘‘नारेबाजी करने के लिए सदन से बाहर जाइए। सदन में नारेबाजी करना उचित नहीं है। नियमों के तहत सवाल उठाइए, सरकार जवाब देगी।’
मानसून सत्र की हुई शुरुआत, बोले प्रधानमंत्री- ‘ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने हासिल किया लक्ष्य, दुनिया ने देखा भारत का सामर्थ्य’
आज, 21 जुलाई 2025 से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि बारिश देश के प्रत्येक परिवार की आर्थिक स्थिति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह सत्र राष्ट्र के लिए गर्व का अवसर है और आने वाले समय में देश को इसका लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मॉनसून को नवाचार और नई संभावनाओं का प्रतीक बताया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, देश में मौसम अनुकूल रहा है, जो कृषि के लिए लाभकारी सिद्ध हो रहा है। बारिश न केवल किसानों की आय, बल्कि ग्रामीण और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करती है। पीएम ने बताया कि पिछले एक दशक की तुलना में इस बार जल भंडारण में तीन गुना वृद्धि हुई है, जिसका भविष्य में देश की अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ होगा। प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने विश्व को भारतीय सेना की ताकत का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत केवल 22 मिनट में आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। इस मिशन में स्वदेशी सैन्य शक्ति के प्रदर्शन ने वैश्विक समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। पीएम ने कहा कि जब भी वे विश्व नेताओं से मिलते हैं, स्वदेशी हथियारों के प्रति दुनिया का रुझान बढ़ता दिखाई देता है। देश में माओवाद और नक्सलवाद का प्रभाव लगातार कम हो रहा है। हमें इस बात पर गर्व है कि बंदूक की ताकत के सामने हमारा संविधान विजयी हो रहा है। जो क्षेत्र पहले देश के लिए खतरे का प्रतीक माने जाते थे, वे अब विकास और समृद्धि के हरे-भरे क्षेत्रों में बदल रहे हैं। इस संसद सत्र में पूरे देश को इस गौरवशाली परिवर्तन की गाथा सुनने का अवसर मिलेगा, और यह हर सांसद की आवाज़ में गूंजेगा।
विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर
प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले हम वैश्विक अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर थे, लेकिन अब हम तेज़ी से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर हैं। भारत वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। पीएम ने कहा, ‘2014 में जब आपने हमें यह जिम्मेदारी सौंपी थी, तब देश नाजुक आर्थिक स्थिति से गुजर रहा था। उस समय हम वैश्विक अर्थव्यवस्था में दसवें स्थान पर थे। आज भारत अभूतपूर्व गति से तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है…’
राहुल गांधी ने सत्तापक्ष पर साधा निशाना, कहा- सदन में नहीं दी गई बोलने की अनुमति
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि मानसून सत्र के पहले दिन वह सदन में अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा सत्तापक्ष के दूसरे लोगों को बोलने का मौका दिया गया। उन्होंने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक स्थगित होने के बाद संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि बतौर नेता प्रतिपक्ष सदन में अपनी बात रखने का उनको अधिकार है, लेकिन सत्तापक्ष का यह नया रवैया है कि उन्हें बोलने ही नहीं दिया जा रहा। राहुल गांधी का कहना था, ‘‘सदन में रक्षा मंत्री को बोलने दिया जाता है, उनके (सत्तापक्ष के) लोगों को बोलने दिया जाता है। विपक्ष के लोगों को बोलने की अनुमति नहीं मिलती है। मैं नेता प्रतिपक्ष हूं, सदन में बोलना मेरा हक है। मुझे कभी बोलने नहीं दिया जाता। यह एक नया रवैया है।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों को उठा रहा है, उन पर अनुमति मिलने के बाद चर्चा होगी। उन्होंने फिर दोहराया, ‘‘परंपरा है कि अगर सरकार के लोग कुछ कहें तो हमे भी मौका मिलना चाहिए। मैं दो शब्द कहना चाहता था, लेकिन अनुमति नहीं दी गई।’’ संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने पहलगाम आतंकी हमले और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद समेत अन्य विषयों पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
एक सेकेंड में दौड़कर सदन से निकल गए… राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर कसा तंज, कहा- हाउस में मुझे बोलने नहीं दिया गया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता के रूप में उन्हें सदन में बोलने का अधिकार है, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को बोलने दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के पहले दिन वह सदन में दो शब्द बोलना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा सत्तापक्ष के दूसरे लोगों को बोलने का मौका दिया गया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक स्थगित होने के बाद संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘सदन में रक्षा मंत्री को बोलने दिया जाता है, उनके (सत्तापक्ष के) लोगों को बोलने दिया जाता है। विपक्ष के लोगों को बोलने की अनुमति नहीं मिलती है। मैं नेता प्रतिपक्ष हूं, सदन में बोलना मेरा हक है। मुझे कभी बोलने नहीं दिया जाता। यह एक नया रवैया है।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों को उठा रहा है, उन पर अनुमति मिलने के बाद चर्चा होगी। उन्होंने फिर दोहराया, ‘‘परंपरा है कि अगर सरकार के लोग कुछ कहें तो हमे भी मौका मिलना चाहिए। मैं दो शब्द कहना चाहता था, लेकिन अनुमति नहीं दी गई।’’ राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘वह एक सेकेंड में सदन से दौड़कर निकल गए।’’ प्रधानमंत्री मोदी मानसून सत्र के पहले दिन कार्यवाही आरंभ होने पर सदन में मौजूद थे। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने पहलगाम आतंकी हमले और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद समेत अन्य विषयों पर चर्चा की मांग करते हुए हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
पहलगाम, ऑपरेशन सिंदूर, ट्रम्प के बयान पर जवाब दें मोदी: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद देश की एकता के लिए हर मोर्चे पर सरकार का समर्थन किया है और ये सारे मुद्दे देश को झकझोरने वाले हैं इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इन सवालों का संसद में जवाब देना चाहिए। खरगे ने कहा, “मैंने पहलगाम आतंकवादी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद की स्थिति पर नियमों के मुताबिक सदन में नोटिस दिया है। पहलगाम आतंकवादी हमला 22 अप्रैल को हुआ था और उसे अंजाम देने वाले आतंकवादी आज तक न पकड़े गए और न मारे गए। पहलगाम में चूक हुई है, इस बात को खुद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने स्वीकार किया है। हमने देश में एकता रखने के लिए और सेना को मजबूती देने के लिए सरकार को बिना किसी शर्त के समर्थन दिया था।” उन्होंने कहा कि पूरा देश सरकार से जानना चाहता है कि ऑपरेशन सिंदूर तथा इससे संबधित मुद्दे पर पूरी स्थिति क्या है। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस), उप सेना प्रमुख और एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कुछ खुलासे किए हैं। इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर भी सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए क्योंकि उन्होंने एक बार नहीं, बल्कि 24 बार दावा किया है कि उन्होंने सैन्य कार्रवाई को रुकवाया था। यह देश के लिए अपमानजनक बात है। खरगे ने कहा कि दो महीने पहले भी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए विशेष सत्र की माँग की थी। अब जब हम मिल रहे हैं तो हम चाहते हैं कि पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, हमारी सुरक्षा चूकों और विदेश नीति पर दो दिन की बहस होनी चाहिए और प्रधानमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए।


