Kolkata Violence

कोलकाता में अतिक्रमण हटाने पर बवाल : पुलिस पर पथराव, 3 जवान घायल, 40 लोग गिरफ्तार

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एजेंसी, कोलकाता। Kolkata Violence : पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर रविवार को जमकर हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। हालात उस समय बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। उपद्रवियों ने सुरक्षाबलों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक पार्क सर्कस सेवन प्वाइंट क्रॉसिंग के पास लोग अतिक्रमण हटाने के विरोध में इकट्ठा हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान स्थिति अचानक हिंसक हो गई और कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और कई लोगों को मौके से हिरासत में लिया।

40 लोगों की गिरफ्तारी, पुलिस ने दिखाई सख्ती

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि मामले में अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने साफ कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि इलाके में शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। कई संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी नई हिंसा को रोका जा सके। अधिकारियों के मुताबिक हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं।

फैक्ट्री में आग के बाद शुरू हुई कार्रवाई

दरअसल पिछले सप्ताह तिलजला इलाके में एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया था। पार्क सर्कस इलाके में चल रही इसी कार्रवाई का विरोध करने के लिए लोग सड़क पर उतरे थे। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण के कारण इलाके में सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ रहे थे। इसलिए लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। हालांकि प्रदर्शनकारी इसे गरीबों और छोटे कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई बता रहे हैं।

ममता बनर्जी ने बुलडोजर राजनीति पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बंगाल बुलडोजर राजनीति में विश्वास नहीं करता। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि आम लोगों के खिलाफ डर और बल के जरिए शासन नहीं चलाया जा सकता। ममता बनर्जी ने कहा कि गरीबों के घर और फेरीवालों के ठेले तक निशाना बनाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक यह कार्रवाई आम नागरिकों की जिंदगी और रोजी-रोटी पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इंसानों से ज्यादा दिखावे की राजनीति पर ध्यान दे रही है।

विपक्ष और भाजपा में बयानबाजी तेज

घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा ने कहा कि सरकार को संविधान और जनादेश के मुताबिक काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए और किसी भी कार्रवाई में संवैधानिक मर्यादा बनी रहनी चाहिए। वहीं भाजपा विधायक भास्कर भट्टाचार्य ने कहा कि बुलडोजर केवल इमारतों पर नहीं बल्कि गलत नीतियों पर भी चलता है। उन्होंने दावा किया कि कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सरकार सख्त रुख अपनाएगी।

इलाके में तनाव, प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस लगातार इलाके में निगरानी कर रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक घटना के बाद काफी देर तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने कई सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।

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