मुख्यमंत्री मोहन यादव

नेपानगर में मुख्यमंत्री मोहन यादव की बड़ी घोषणाएं: कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार, 363 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात

देश/प्रदेश प्रादेशिक बुरहानपुर मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आयोजित ‘जनजातीय सम्मेलन’ के दौरान विपक्ष और विशेष रूप से राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने नेपानगर के विकास के लिए 363 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 127 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस भगवान करे राहुल गांधी को ही अपना नेता बनाए रखे, क्योंकि उनकी नादानियों की वजह से भाजपा अपने आप आगे बढ़ती जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहुल गांधी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में वैश्विक स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ाया था, वहीं वर्तमान नेता प्रतिपक्ष अपनी हरकतों से इस पद की गरिमा गिरा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश चुनौतियों का सामना करता है, तब राहुल गांधी विदेशों में समय बिताते हैं और संसद से गायब रहते हैं। मुख्यमंत्री ने रूस-यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और कहा कि आज ईरान जैसे देश के मंत्री भी भारत की नीतियों की तारीफ कर रहे हैं।

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क्षेत्रीय मुद्दों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युद्ध के वैश्विक संकट के बावजूद देश में एलपीजी और कमर्शियल गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल राजनीति के लिए आंदोलन कर रही है, जबकि जनता असलियत जानती है। मुख्यमंत्री ने नेपानगर की औद्योगिक संभावनाओं पर जोर देते हुए घोषणा की कि यहां रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए 30 नई फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी। लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर बहनों के अपमान का आरोप लगाया और कहा कि सरकार ने हाल ही में योजना की 34वीं किस्त जारी कर अपना वादा निभाया है।

मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि नेपानगर के कॉलेज में अब कृषि विषय की पढ़ाई शुरू होगी और असीरगढ़ के किले को एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही, वन अधिकार पट्टों को रजिस्ट्री में बदलने और उससे जुड़ी 5 हजार करोड़ रुपये की राशि माफ करने का बड़ा ऐलान भी किया गया। धूलकोट के स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक केंद्र में बदलने और ताप्ती नदी पर नए पुल के निर्माण की भी स्वीकृति दी गई।

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