दिग्विजय सिंह के समर्थन में आए कैलाश विजयवर्गीय , बोले- सच कहने का साहस दिखाया

दिग्विजय सिंह के समर्थन में आए कैलाश विजयवर्गीय , बोले- सच कहने का साहस दिखाया

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एजेंसी, भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सराहना किए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। एक ओर जहां कांग्रेस के भीतर ही उनके बयान को लेकर असहजता और आलोचना देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने खुलकर दिग्विजय सिंह का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बाद अब नगरीय प्रशासन मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय भी दिग्विजय सिंह के समर्थन में सामने आए हैं। विजयवर्गीय ने सोमवार को अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट करते हुए दिग्विजय सिंह के बयान को साहसिक करार दिया।

यह कहा विजयवर्गीय ने
विजयवर्गीय ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सच कहने का साहस भी होना चाहिए जो हर किसी में नहीं होता। कांग्रेस ने नेता दिग्विजय सिंह ने आरएसएस की तारीफ कर अपने साहसी होने का परिचय दिया है। विजयवर्गीय ने आगे लिखा कि हालांकि इससे दिल्ली दरबार में उनके नंबर अवश्य कम हुए होंगे, पर दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के अंदर 50 के दशक के नेता सरदार पटेल और अन्य नेताओं की उस परंपरा पर चलने का काम किया है, जो सच कहने की हिम्मत रखते थे। वास्तव में यही लोकतंत्र की असली खूबसूरती है। दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर जारी सियासी बहस के बीच भाजपा नेताओं का यह समर्थन राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। यहां पर एक और बात उल्लेखनीय है कि विधानसभा के विशेष सत्र में जब कैलाश विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश के विकास में सभी मुख्यमंत्रियों के योगदान का उल्लेख किया था तो दिग्विजय सिंह ने उनके साहस की प्रशंसा की थी।

दिग्विजय सिंह के बयान पर कांग्रेस में घमासान, सीएम रेवंत रेड्डी ने ‘सोनिया गांधी’ का नाम लेकर किया पलटवार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर पार्टी के भीतर ही सियासी संग्राम छिड़ गया है। दिग्विजय सिंह ने आरएसएस और बीजेपी का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के संगठन में सुधार की आवाज उठाई, जिसपर कांग्रेस के कई नेताओं ने ही आपत्ति जताई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी अब इस बहस का हिस्सा बन गए हैं। रेवंत रेड्डी ने नाम लिए बिना ही दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 1991 में पीवी नरसिम्हा राव और 2004, 2009 में डॉ मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर बहुत अच्छा फैसला लिया था। रेवंत रेड्डी के इस बयान को दिग्विजय सिंह की पोस्ट से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आरएसएस-बीजेपी में आम कार्यकर्ताओं को भी उच्च पद तक पहुंचने का मौका मिलता है।

रेवंत रेड्डी ने क्या कहा?
रेवंत रेड्डी के अनुसार, “अगर हम सोनिया गांधी के नेतृत्व पर नजर डालें तो हमें पता चलेगा कि तेलंगाना के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले पीवी नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला था। सोनिया गांधी ने मशहूर अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह को भी प्रधानमंत्री बनाया था।”

तेलंगाना सीएम का कहना है-
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अगवाई करने से लेकर संविधान की रचना करने तक, लोकतांत्रिक संस्था बनाने से लेकर विविधता से परिपूर्ण राष्ट्र के निर्माण तक, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आधुनिक भारत के हर पन्ने को आकार दिया है।

क्या था दिग्विजय सिंह का बयान?
बता दें कि शनिवार को दिग्विजय सिंह ने लाल कृष्ण आडवाणी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर साझा की थी। फोटो के साथ उन्होंने लिखा था कि RSS और जनसंघ में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलता है। दिग्विजय सिंह ने इस पोस्ट के साथ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भी टैग किया था।

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