दिग्विजय सिंह की पोस्ट से मचा बवाल, पीएम मोदी की दरी पर बैठी फोटो की शेयर

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एजेंसी, नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति की यहां शनिवार की बैठक से ठीक पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जन संघ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सराहना करती सोशल मीडिया पर प्रेषित एक टिप्पणी चर्चा का केन्द्र बन गयी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और संघ के कटु आलोचकों में गिने जाने वाले दिग्विजय सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पुरानी फोटो पोस्ट की, जिसमें वर्तमान प्रधानमंत्री और तबके संघ के एक कार्यकर्ता नरेन्द्र मोदी भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के पैरों के पास जमीन (दरी) पर बैठे हैं।

सिंह ने इस फोटो के साथ लिखा, “कोरा साइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का ज़मीनी स्वयंसेवक एवं जनसंघ@बीजेपी4इंडिया का कार्यकर्ता नेताओं की चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री एवं देश का प्रधानमंत्री बना। यह ‘संघटन’ की शक्ति है।” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके दिग्विजय सिंह ने इस पोस्ट के नीचे लिखा, ‘जय सिया राम।’ प्राप्त जानकारी के अनुसार यह फोटो 14 मार्च 1995 को गांधीनगर में भाजपा के श्री केशूभाई पटेल के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह की है। दिग्विजय सिंह ने बाद में कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं के सवालों की बौछार के बीच कहा, “मैंने आरएसएस और मोदी की तारीफ नहीं की है। मैंने संगठन की बात की है। मैं आरएसएस और मोदी का घोर विरोधी हूं। जो कुछ कहना था, मैंने कह दिया।” इससे पहले दिग्विजय सिंह ने 19 दिसंबर को लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक वीडियो पर टिप्पणी करते हुए एक्स पर लिखा था, “राहुल गांधी जी , सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर आप बिल्कुल सही हैं। (आपको) पूरे नंबर। अब कृपया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर भी ध्यान दें। जैसे भारतीय निर्वाचन आयोग को सुधारों की ज़रूरत है, वैसे ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को भी है। आपने “संगठन सृजन” से शुरुआत की है, लेकिन हमें और ज़्यादा व्यावहारिक विकेन्द्रीकृत कामकाज की ज़रूरत है। मुझे यकीन है कि आप ऐसा करेंगे क्योंकि मुझे पता है कि आप यह कर सकते हैं। बस दिक्कत यह है कि आपको ‘मनाना’ आसान नहीं है!” दिग्विजय सिंह ने इस पोस्ट के अंत में भी ‘जय सिया राम’ लिखा। उन्होंने इस पोस्ट में राहुल गांधी, चुनाव आयोग और कांग्रेस को टैग किया था। वह शनिवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में भी शामिल हुए।

पीएम मोदी की फोटो शेयर कर विवादों में घिरे दिग्विजय सिंह : तो सफाई में कहा- मैंने सिर्फ संगठन की तारीफ की…
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से पहले शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेक संघ (आरएसएस) की ‘‘संगठन शक्ति’’ की तारीफ कर अपने दल के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी। हालांकि, उन्होंने बाद में सफाई देते हुए कहा कि वह आरएसएस तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों के धुर विरोधी हैं, और उन्होंने सिर्फ संगठन की तारीफ की है। सूत्रों के अनुसार, दिग्विजय ने कार्य समिति की बैठक के दौरान भी पार्टी संगठन में विक्रेंद्रीकरण की पैरवी की। कार्य समिति की बैठक शुरू होने से पहले दिग्विजय सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे की तरफ नीचे बैठे हुए हैं तथा उनके पीछे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं।

दिग्विजय सिंह ने पोस्ट किया, ‘‘कोरा वेबसाइट पर मुझे यह चित्र मिला। बहुत ही प्रभावशाली है। किस प्रकार आरएसएस का ज़मीनी स्वयंसेवक व जनसंघ भाजपा का कार्यकर्ता नेताओं के चरणों में फर्श पर बैठकर प्रदेश का मुख्यमंत्री व देश का प्रधानमंत्री बना। यह संगठन की शक्ति है। जय सियाराम।’’ विवाद खड़ा होने पर दिग्विजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने संगठन की तारीफ की है। मैं आरएसएस और मोदी जी का घोर विरोधी था, घोर विरोधी हूं और रहूंगा।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने कार्य समिति की बैठक में विकेंद्रीकरण की पैरवी की है, सिंह ने कहा, ‘‘मुझे जो कहना था, वो मैंने बैठक के दौरान कह दिया।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘क्या संगठन को मजबूत करना या उसकी तारीफ करना, क्या बुरी बात है।’’ मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर आप मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर मेरे कार्यकाल को देखेंगे तो पाएंगे कि मैंने विकेंद्रीकृत तरीके से काम किया। यह मेरा विचार है।’’

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