एजेंसी, वॉशिंगटन| अमेरिका में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और कंजर्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति को तगड़ा झटका लगा है। घटना से आहत ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि कंज़र्वेटिव एक्टिविस्ट चार्ली किर्क की मौत हो गई है। वह यूटा वैली यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते समय गर्दन में गोली लगने से घायल हो गए थे। ट्रंप ने कहा कि किर्क “सभी के पसंदीदा थे। हर कोई उनकी प्रशंसा करता था।
गर्दन में मारी गई गोली
चार्ली किर्क को एक कार्यक्रम के दौरान उस वक्त गोली मार दी गई, जब वह स्टेज पर माइक लेकर कुछ बोल रहे थे। इस जघन्य हत्याकांड का दिल दहला देने वाला एक वीडियो सामने आया है, जिसमें चार्ली किर्क को गर्दन में गोली मारी गई। अभी तक हमलावर पकड़ा नहीं जा सका है। 2 संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
अमेरिका का राष्ट्रीय झंडा आधा झुकाने का आदेश
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “महान, और यहां तक कि महानतम चार्ली किर्क अब इस दुनिया में नहीं रहे। अमेरिका के युवाओं को कोई भी चार्ली से बेहतर नहीं समझता था, न ही किसी के पास वैसा दिल था। उन्हें सभी लोगों ने पसंद किया और सराहा, खासकर मैंने। अब वह हमारे बीच नहीं हैं। मेलानिया और मेरी संवेदनाएं उनकी सुंदर पत्नी एरिका और उनके परिवार के साथ हैं। चार्ली, हम तुमसे प्यार करते हैं!” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चार्ली की सम्मान में मैंने पूरे अमेरिका में रविवार शाम 6 बजे तक के लिए सभी झंडों को आधा झुकाने का आदेश दिया है।
व्हाइट हाउस ने भी जारी की सूचना
एक्स पर व्हाइट हाउस ने लिखा, “चार्ली किर्क को सम्मान देने के लिए, राष्ट्रपति ट्रंप ने पूरे अमेरिका में सभी अमेरिकी झंडों को आधा झुकाने का आदेश दिया है।” अमेरिका के एबीसी न्यूज के अनुसार गोलीबारी उस समय हुई जब किर्क एक छात्र के मास शूटिंग (सामूहिक गोलीबारी) से संबंधित सवाल का जवाब दे रहे थे।
कौन थे चार्ली किर्क
चार्ली किर्क अमेरिका के प्रमुख दक्षिणपंथी युवा कार्यकर्ता संगठन के संस्थापक और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते थे। बुधवार को यूटा यूनिवर्सिटी की एक कॉलेज कैंपस में भाषण देने के दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। राज्य के गवर्नर ने इसे “राजनीतिक हत्या” करार दिया। वह अभी सिर्फ 31 साल के थे। बुधवार देर शाम तक अधिकारियों ने जांच के तहत दो लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन दोनों को ही बिना किसी आरोप के रिहा कर दिया गया। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने बताया कि पूछताछ के बाद एक संदिग्ध को रिहा कर दिया गया है। “हमारी जांच जारी है।”


