भोपाल। देश के कई हिस्सों सहित प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाली मौसम प्रणालियों के असर और बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ अरब सागर से आने वाली नमी के चलते कई हिस्सों में मौसम पूरी तरह बदल गया। दिन भर बादल छाए रहे तो कई शहरों में बूंदा-बांदी हुई। प्रदेश में भोपाल में पांच मिमी, रायसेन में चार, जबलपुर और दमोह में एक-एक मिमी वर्षा दर्ज की गई। इस बीच जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि हुई है। मौसम विज्ञानियों ने मंगलवार को प्रदेश में बूंदा-बांदी और कुछ हिस्सों में ओले गिरने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। मौसम विभाग के विज्ञानियों के अनुसार बैतूल, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, कान्हा, सिवनी, डिंडौरी, जबलपुर के कुछ हिस्सोंं में गरज-चमक के साथ वर्षा और कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि हो सकती है। प्रदेश को प्रभावित करने वाली प्रणालियों के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ 10 अप्रैल को देश में प्रवेश करेगा जिसके असर से गरज-चमक के साथ वर्षा की स्थिति बनी रहेगी। इसके बाद 13 अप्रैल को एक और पश्चिमी विक्षोभ के आने से बड़े हिस्से में मौसम बिगड़ने की आशंका है।
रायसेन में टूटा सात साल का रिकार्ड
प्रदेश में सोमवार दिन में सबसे अधिक वर्षा भोपाल में पांच मिमी दर्ज की गई लेकिन नजदीक ही स्थित रायसेन में चार मिमी वर्षा के बीच तेज हवाओं ने तापमान में बड़ी गिरावट ला दी। रायसेन में रविवार शाम दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जो सोमवार को 12.6 गिरकर 24. 4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। जिले में अप्रैल माह में दिन का इतना कम तापमान 2016 में दर्ज किया गया था। मौसम विज्ञानियों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना प्रति चक्रवात बीते 24 घंटों मजबूत हुआ है जिसके चलते नमी आने की मात्रा बढ़ी है। मराठवाड़ा और राजस्थान में दो चक्रवात बने हुए हैं। इनके असर से अरब सागर से भी नमी आने लगी है।
प्रदेश में दोनों ओर से नमी आने के चलते मौसम बिगड़ रहा है जिसके मंगलवार को इस दौरान प्रदेश के सागर, शहडोल, जबलपुर, नर्मदापुरम, भोपाल, इंदौर, उज्जैन एवं ग्वालियर संभाग के कुछ हिस्सों में में गरज-चमक के साथ वर्षा की आशंका है। इस दौरान कहीं-कहीं ओले भी गिर सकते हैं। इस दौरान नर्मदापुरम, जबलपुर, भोपाल और सागर संभाग के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका है। मौसम विभाग के पूर्व वरिष्ठ विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि 10 अप्रैल को एक पश्चिमी विक्षोभ देश में प्रवेश करेगा, इसी तरह एक अन्य ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ के 13 को पहुंंचने का अनुमान है। इनके असर से अन्य प्रणालियां बनेगी और मजबूत होंगी। इसके असर से 10 अप्रैल से पूरे प्रदेश में बूंदा-बांदी की गतिविधियां होंगी जिससे ओलावृष्टि की आशंका भी बनेगी। प्रदेश में मंगलवार से मौसम का यह बदलाव बड़े हिस्से में दिखेगा जो करीब पूरे सप्ताह तक चलता रहेगा।


