एजेंसी, रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध जारी अभियान में बुधवार को सुरक्षा बलों को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय कुल 108 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर अपने हथियार डाल दिए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन सभी माओवादियों पर सरकार की ओर से कुल मिलाकर 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
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भारी संख्या में हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटे माओवादी प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 37 नक्सलियों ने बीजापुर जिले में आत्मसमर्पण किया है। इसके अलावा दंतेवाड़ा से 30, सुकमा से 18, बस्तर से 16, नारायणपुर से चार और कांकेर जिले से तीन माओवादी सुरक्षा बलों के समक्ष उपस्थित हुए। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों में छह मंडल कमांडर भी शामिल हैं, जो क्षेत्र में बड़ी वारदातों को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार थे। इन कमांडरों में से प्रत्येक पर आठ लाख रुपये का व्यक्तिगत इनाम रखा गया था। मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य नक्सलियों के इस सामूहिक आत्मसमर्पण को सरकार की पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव का परिणाम माना जा रहा है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सीमाओं के भीतर से नक्सलवाद को पूरी तरह जड़ से मिटाने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की है। इस दिशा में इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों का मुख्यधारा में वापस लौटना सुरक्षा तंत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है।


