मोहन यादव

किसान कल्याण और पर्यावरण संरक्षण : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन और ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान की समीक्षा की

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एजेंसी, भोपाल। किसान कल्याण और पर्यावरण संरक्षण : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक से पूर्व राज्य के विकास और लोक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। बैठक के प्रारंभ में मंत्रि-परिषद की महिला सदस्यों ने विधानसभा में ‘नारी शक्ति वंदन’ संकल्प प्रस्तुत करने के लिए मुख्यमंत्री का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कृषि, जल संरक्षण, शिक्षा और वन्यजीव संरक्षण जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की।

गेहूं उपार्जन में तेजी और किसानों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों के आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। किसानों की सुविधा हेतु स्लोट बुकिंग की अवधि को भी 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई तक विस्तारित किया गया है।

  • उपार्जन के मुख्य आंकड़े: अब तक 19.31 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है, जिसके बदले किसानों को 2,547 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया है।

  • नियमों में शिथिलता: मौसम के प्रभाव को देखते हुए सरकार ने एफएक्यू मापदंडों में ढील दी है। अब 50% तक चमकविहीन गेहूं, 10% तक सुकड़े दाने और 6% तक क्षतिग्रस्त दानों की स्वीकार्यता सुनिश्चित की गई है।

  • सुविधा विस्तार: उपार्जन केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई है और किसान अब अपनी तहसील के बजाय जिले के किसी भी केंद्र पर उपज बेच सकते हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान और जन-भागीदारी

19 मार्च से प्रारंभ हुआ ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ 30 जून तक संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि 25 मई को ‘गंगा दशहरा’ के अवसर पर पूरे प्रदेश में जल संरचनाओं के संरक्षण हेतु वृहद स्तर पर श्रमदान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उन्होंने मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं को इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए ताकि जल संकट का प्रभावी समाधान हो सके।

डिजिटल जनगणना 2027: नागरिकों से अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए प्रगणकों को मोबाइल ऐप उपलब्ध कराए गए हैं और नागरिक स्वयं भी अपनी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में नागरिकों को इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

शिक्षा और वन्यजीव संरक्षण में नए कीर्तिमान

  • सांदीपनि विद्यालय मॉडल: राज्य के सांदीपनि विद्यालय अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र बन रहे हैं। हालिया बोर्ड परीक्षाओं में इन विद्यालयों के 58 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है। पिछले 4 वर्षों में दसवीं का परीक्षा परिणाम 68% से बढ़कर 88% और बारहवीं का 59% से बढ़कर 89% हो गया है।

  • कान्हा में जंगली भैंसों का पुनरागमन: मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ा है। लगभग एक शताब्दी के पश्चात कान्हा नेशनल पार्क, बालाघाट में असम के काजीरंगा से लाए गए जंगली भैंसों का पुनर्स्थापन किया गया है। भविष्य में असम से गैंडों के 2 जोड़े लाने की भी योजना है, जिससे प्रदेश की जैव विविधता और अधिक समृद्ध होगी।

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