अनिल अंबानी

अंबानी परिवार पर ईडी का शिकंजा : अनिल अंबानी का मुंबई फ्लैट और खंडाला फार्महाउस कुर्क, 3034 करोड़ की संपत्ति जब्त

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एजेंसी, मुंबई। अंबानी परिवार पर ईडी का शिकंजा : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से संबंधित बैंक ऋण धोखाधड़ी और धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है। मंगलवार को केंद्रीय जांच एजेंसी ने उद्योगपति अनिल अंबानी और उनके परिजनों से जुड़ी कुल 3,034 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया। इस कुर्की में दक्षिण मुंबई के प्रतिष्ठित कुंबाला हिल स्थित उषा किरण बिल्डिंग का एक आलीशान फ्लैट और उनके पुत्र जय अंशुल अंबानी के नाम पर पंजीकृत खंडाला स्थित फार्महाउस विशेष रूप से शामिल हैं।

बैंक ऋण की हेराफेरी और पीएमएलए के तहत कार्रवाई

ईडी द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि आरकॉम और उसकी सहायक कंपनियों पर भारतीय और विदेशी वित्तीय संस्थानों का कुल 40,185 करोड़ रुपये का भारी कर्ज बकाया है। इस कुर्की की सीमा केवल आवासों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें अहमदाबाद के साणंद स्थित एक औद्योगिक भूखंड और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर भी सम्मिलित हैं। ये शेयर अनिल अंबानी के पारिवारिक ट्रस्ट ‘राइजई ट्रस्ट’ के माध्यम से प्रबंधित किए जा रहे थे।

निजी लाभ हेतु कोष का दुरुपयोग और एजेंसी के आरोप

जांच एजेंसी ने अपने आरोपों में स्पष्ट किया है कि संबंधित संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों का उपयोग बैंकों के ऋणों का निपटान करने के स्थान पर परिवार के निजी ऐश्वर्य और लाभ के लिए किया जा रहा था। ईडी ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह पीएमएलए की धारा-8 के नियमों के तहत धोखाधड़ी से बनाई गई इन संपत्तियों को पीड़ित बैंकों और ऋणदाता संस्थानों को वापस लौटाने की कानूनी प्रक्रिया पर कार्य कर रही है ताकि सार्वजनिक धन की क्षतिपूर्ति की जा सके।

रिलायंस समूह का पक्ष और पारिवारिक संपत्तियों का दावा

इस बड़ी कार्रवाई के उपरांत रिलायंस अनिल अंबानी समूह के प्रवक्ता ने अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। समूह की ओर से तर्क दिया गया है कि कुर्क की गई संपत्तियों में से कुछ का स्वामित्व अनिल अंबानी की माता, कोकिलाबेन अंबानी के पास है और वे सीधे तौर पर इस मामले से संबंधित नहीं हैं। फिलहाल, ईडी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस वित्तीय विसंगति की तह तक जाने के लिए निरंतर गहन अन्वेषण कर रही हैं और आने वाले दिनों में कुछ अन्य सहयोगियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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