नई दिल्ली| राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का न्यौता कांग्रेस पार्टी ने ठुकरा दिया है। सांसद सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जयराम रमेश समेत कांग्रेस के तमाम बड़े नेता अयोध्या नहीं जाएंगे। दिसंबर महीने में राम जन्मभूमि ट्रस्ट की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण मिला था। अब इस निमंत्रण पर कांग्रेस पार्टी की ओर से एक बयान जारी किया गया है। इसमें यह कहा गया है कि बीजेपी और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक परियोजना बना दिया है।
कांग्रेस पार्टी की ओर से यह कहा गया
पिछले महीने, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी एवं लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का निमंत्रण मिला। भगवान राम की पूजा-अर्चना करोड़ों भारतीय करते हैं। धर्म मनुष्य का व्यक्तिगत विषय होता आया है, लेकिन भाजपा और आरएसएस ने वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर को एक राजनीतिक परियोजना बना दिया है। स्पष्ट है कि एक अर्द्धनिर्मित मंदिर का उद्घाटन केवल चुनावी लाभ उठाने के लिए ही किया जा रहा है। 2019 के माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को स्वीकार करते हुए एवं लोगों की आस्था के सम्मान में श्री मल्लिकार्जुन खरगे, श्रीमती सोनिया गांधी एवं अधीर रंजन चौधरी भाजपा और आरएसएस के इस आयोजन के निमंत्रण को ससम्मान अस्वीकार करते हैं।
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की सकुशल व्यवस्था के लिए दूसरे जनपदों से भी बुलाए गए अधिकारी
श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा को अब महज 12 दिन ही शेष हैं। ऐसे में सरकार ने तैयारियों में तेजी लाने और उनकी निगरानी के लिए बड़े पैमाने पर दूसरे जनपदों के अधिकारियों को तैनात किया है। इन अधिकारियों को तत्काल अयोध्या में अपनी जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम की व्यवस्था देखने का निर्देश दिया गया है। 22 जनवरी को होने वाले इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में पीएम मोदी और सीएम योगी समेत देश और दुनिया से करीब 10 हजार मेहमान हिस्सा लेंगे।
उत्तर प्रदेश नगर विकास विभाग के तहत नगरीय निकाय निदेशालय की ओर से विभिन्न अधिकारियों को अयोध्या में 22 जनवरी के कार्यक्रम की जिम्मेदारी दी गई है। नगरीय निकाय के निदेशक नितिन बंसल द्वारा इस संबंध में संबंधित अधि कारी एवं उस नगर निगम के नगर आयुक्त को पत्र लिखकर सूचित किया गया है। नगर निकाय निदेशालय में संबंद्ध अंगद गुप्ता को अयोध्या में सहायक नगर आयुक्त के रूप में कार्यक्रम के सकुशल संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनि श्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है और उन्हें तत्काल प्रभाव से अयोध्या में ड्यूटी ज्वॉइन करने के लिए कहा गया है। इसी तरह, नगर निगम कानपुर के अधिशासी अभियंता (ट्रैफिक) आरके तिवारी को अयोध्या में अधिशासी अभियंता (ट्रैफिक) की ड्यूटी पर भेजा गया है। उन्हें नगर आयुक्त, ननि अयोध्या को रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। कानपुर, मुरादाबाद, देवरिया, लखनऊ, सुल्तानपुर, बस्ती, बहराइच, गोण्डा और वाराणसी से भी कई अधिकारियों को अयोध्या में तैनात किया गया है।


