काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में 92 जानवरों की मौत, 95 को बचाया गया, असम में बाढ़ से बिगड़े हालात

असम राष्ट्रीय राष्ट्रीय

पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ से बुरा हाल है।
मानसून आफत बनकर बरस रहा है।
तेज बारिश के कारण नदियां उफान पर है।

कांजीरंगा। असम में आई विनाशकारी बाढ़ में शनिवार तक 92 जानवरों की डूबने या इलाज के दौरान मौत हो गई। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कांजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, बोकाखाट में 95 जानवरों को बचाया गया है। जानवरों की मृत्यु में 11 हॉग हिरण शामिल हैं, जिनकी मृत्यु उपचार के दौरान हुई है। वहीं, 62 जानवरों की जान डूबने से गई है।

50 जानवरों को पार्क छोड़ा गया
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 27 हॉग हिरण, एक ऊदबिलाव, एक गैंडा, एक हाथी, एक जंगली बिल्ली और दो उल्लू का इलाज चल रहा है। तीन गैंडों की डूबने से मौत हो गई, जबकि एक ऊदबिलाब की मृत्यु अन्य कारणों से हुई है। 50 जानवरों का इलाज कर वापस पार्क छोड़ दिया गया है।

233 शिविर स्थापित
पूर्वी असम वन्यजीव प्रभाग में कुल 233 शिविर स्थापित हैं, जिनमें अगरटोली में 34, काजीरंगा में 58, बागोरी में 39, बुरहापहाड़ में 25 और बोकाखाट में 9 शिविर शामिल हैं। पासीघाट और डिब्रूगढ़ में जल स्तर खतरे के निशान से नीचे है। जबकि नुमालीगढ़, निमाटीघाट, तेजपुर और धनसिरीमुख में यह खतरे के निशान से ऊपर है।

असम में बाढ़ से जानमाल का नुकसान
इस बीच, पिछले एक महीने में राज्य में भीषण बाढ़ की स्थिति के कारण जानमाल का नुकसान हुआ है। सड़कें बंद हो गई, फसलें नष्ट हो गई और पशुधन को नुकसान हुआ है। जल प्रलय ने सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया। कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में एक बच्चा लापता है।

सीएम हिमंत ने की बाढ़ स्थिति की समीक्षा
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के लिए शुक्रवार को डिब्रूगढ़ शहर का दौरा किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है और जलस्तर में कमी आई है। तटबंध पुल के आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हम सभी की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।

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