कविता माथुर

पूर्व महिला सब इंस्पेक्टर कविता माथुर चार्जशीट पर फर्जी साइन और सीनियर अफसर को धमकाने के मामले में दोषी साबित

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। देश की राजधानी की द्वारका कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की पूर्व सब इंस्पेक्टर कविता माथुर को गंभीर अपराधों में दोषी ठहराया है। अदालत ने माना है कि कविता ने चार्जशीट पर अपने सीनियर अधिकारियों के जाली साइन किए थे और एक बड़े अफसर को धमकी भरा मैसेज भी भेजा था। यह पूरा विवाद साल 2015 का है जब कविता पालम गांव थाने में तैनात थीं और जांच अधिकारी के तौर पर काम कर रही थीं।

अदालत के फैसले में बताया गया कि कविता ने जांच के दौरान पालम गांव थाने से जुड़ी कई एफआईआर की अंतिम रिपोर्ट पर उस समय के सहायक पुलिस आयुक्त एम हर्ष वर्धन के फर्जी हस्ताक्षर किए थे। इतना ही नहीं उन पर आरोप था कि उन्होंने तत्कालीन थाना प्रभारी निवती एम कश्यप के भी जाली दस्तखत किए और उन दस्तावेजों को कोर्ट में पेश कर दिया।

ये भी पढ़े : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया उज्जैन में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन का शुभारंभ, 15 करोड़ की लागत से बनेगा ‘ग्लोबल साइंस सिटी’

इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। जुलाई 2015 में कविता ने अपने फोन से एसीपी के सरकारी नंबर पर एक मैसेज भेजा था। इस मैसेज में उन्होंने लिखा था कि उनका करियर एफआईआर की वजह से बर्बाद हो गया है और वे आत्महत्या करने जा रही हैं। कोर्ट ने इस मैसेज को सिर्फ एक संदेश नहीं बल्कि सरकारी अधिकारी को डराने और काम से रोकने के लिए दी गई आपराधिक धमकी माना है।

जब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और इंस्पेक्टर मीना यादव ने कविता से इन हस्ताक्षरों के बारे में सवाल किए तो आरोपी ने गुस्से में आकर चार्जशीट का आखिरी पन्ना ही फाड़ दिया। उस पन्ने पर आईओ, एसएचओ और एसीपी के साइन मौजूद थे। कविता ने उस वक्त चुनौती देते हुए कहा था कि जिसे जो करना है कर ले। हालांकि कोर्ट में कविता ने खुद को बेगुनाह बताया और कहा कि उन्हें फंसाया जा रहा है लेकिन वे अपनी बात के समर्थन में कोई सबूत नहीं दे पाईं। अदालत ने सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर उन्हें दोषी करार दिया है और अब जल्द ही उनकी सजा पर फैसला सुनाया जाएगा।

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply