एमपी में कर्मचारियों, अधिकारियों के अवकाश रद्द, 30 अप्रैल 2026 तक हर हाल में करना होगा ये काम

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एजेंसी, भोपाल। एमपी में कर्मचारियों, अधिकारियों के अवकाश के संबंध में बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रदेश के शिक्षा विभाग के टीचर्स व अन्य संबंधित कर्मचारियों, अधिकारियों को 3 माह तक अवकाश नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश अत्यावश्यक सेवाएं संधारण तथा विवाद निवारण अधिनियम यानि एस्मा लागू करने का निर्णय लिया है।

माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) यानि एमपी बोर्ड की 10 वीं व 12वीं की परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। एस्मा 1 फरवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 लागू रहेगा। इसके अंतर्गत एमपी बोर्ड की परीक्षाओं से जुड़े सभी टीचर्स, कर्मचारियों, अधिकारियों को हर हाल में काम करना होगा। इस अवधि में अवकाश रद्द रहेंगे। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12 वीं यानि हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा 7 फरवरी से प्रारंभ होगा 5 मार्च तक चलेगी। बोर्ड की 10 वीं यानि हाईस्कूल परीक्षाएं 11 से शुरु होंगी और 2 मार्च तक जारी रहेंगी। बोर्ड परीक्षा के संचालन के साथ ही पर्यवेक्षण, उत्तर पुस्तिकाओं का प्रबंधन, मूल्यांकन आदि के काम भी होंगे।

बोर्ड परीक्षा से संबंधित सभी काम अत्यावश्यक सेवा घोषित
बोर्ड परीक्षाओं का महत्व ​देखते हुए राज्य सरकार ने इससे संबंधित सभी कामों को अत्यावश्यक सेवा घोषित कर दिया है। इसके अंतर्गत सरकार ने एस्मा लागू करने संबंधी आदेश जारी किया है।

परीक्षा की ड्यूटी से मना नहीं किया जा सकेगा
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अत्यावश्यक सेवा घोषित होने के बाद बोर्ड परीक्षा की ड्यूटी से मना नहीं किया जा सकेगा, यह कानून के उल्लंघन की श्रेणी में आएगा। परीक्षा कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा डालना भी गैर कानूनी होगा। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाएं 7 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रही हैं। जहां बोर्ड अधिकारी परीक्षाओं के लिए जरूरी तैयारियों में लगे हैं वहीं स्कूल शिक्षा विभाग ने भी सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया है। भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार बताते हैं कि अभी तक अवकाश आवेदन 31 दिसंबर तक के थे। अब सीएल बे​हद गंभीर केस में ही दी जाएगी।

संतान पालन अवकाश भी नहीं मिलेगा
एसेंसियल सर्विस एंड मेंटेनेंस यानि एस्मा लागू हो जाने के बाद निर्धारित अवधि में शिक्षा विभाग के टीचर्स, कर्मचारी, अधिकारी अवकाश नहीं ले सकेंगे। बेहद जरूरी होने पर भी उन्हें अवकाश मिलना ​मुश्किल होगा। यहां तक कि टीचर्स आदि को संतान पालन अवकाश तक भी नहीं मिलेगा।

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