मुख्यमंत्री मोहन यादव

मध्यप्रदेश में कल से एमएसपी पर गेहूं खरीदी का आगाज : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से की सीधी बात और बेहतर सुविधाओं के लिए अफसरों को दिए सख्त निर्देश

देश/प्रदेश प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। एमपी गेहूं खरीदी 2026 : मध्यप्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की सरकारी खरीदी गुरुवार यानी 9 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को किसान प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संगठनों के साथ वर्चुअल माध्यम से विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों की सुविधा और अनाज की तौल में पारदर्शिता सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रदेश के इंदौर, उज्जैन और भोपाल मंडलों में खरीदी 9 अप्रैल से प्रारंभ होगी, जबकि रीवा, जबलपुर, सागर और शाहडोल संभागों में यह काम 15 अप्रैल से शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी और कंट्रोल रूम की स्थापना

मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरी प्रक्रिया की पल-पल की जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय में एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। इसके अलावा जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयंसेवी संस्थाओं से भी इस महाअभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों और एसडीएम को आदेश दिए हैं कि खरीद केंद्रों पर किसानों के बैठने, पीने के पानी और अन्य जरूरी इंतजाम पुख्ता होने चाहिए ताकि तपती धूप में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

बोनस के साथ किसानों को मिलेगा उपज का सही मोल

इस साल राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की है। इसमें किसानों के लिए 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया है कि भंडारण के लिए पर्याप्त बोरियों और परिवहन की व्यवस्था कर ली गई है। सरकार ने कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों को भी जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रों का दौरा करें और व्यवस्थाओं की निगरानी करें।

छोटे किसानों को प्राथमिकता और स्लॉट बुकिंग

प्रशासन ने इस बार सबसे पहले पंजीकृत छोटे और सीमांत किसानों की उपज खरीदने पर ध्यान केंद्रित किया है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार स्लॉट बुकिंग पहले से ही करवा रहे हैं ताकि केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न हो। प्रदेश के 3,627 केंद्रों पर 78 लाख से अधिक किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान की फसल का एक-एक दाना खरीदा जाए और भुगतान की प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि किसानों को समय पर पैसा मिल सके।

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