एजेंसी, नई दिल्ली। ईरान-इजरायल तनाव : अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) के बावजूद पश्चिम एशिया में शांति बहाल होती नहीं दिख रही है। ईरान ने इजरायल द्वारा लेबनान में की जा रही सैन्य कार्रवाई को समझौते का खुला उल्लंघन करार देते हुए सख्त चेतावनी दी है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि सीजफायर का अर्थ युद्ध की समाप्ति कतई नहीं है और किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब पूरी ताकत के साथ दिया जाएगा।
تجاوز دوباره رژیم صهیونیستی به لبنان نقض آشکار توافق اولیه آتشبس است. این نشانه خطرناکی از فریب و عدم پایبندی به توافقات احتمالی است. تداوم این اقدامات، مذاکره را بیمعنا خواهد کرد. دستهای ما بر ماشه باقی است. ایران هرگز خواهران و برادران لبنانی را تنها نخواهد گذاشت. https://t.co/T3Wy3qBqcE
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) April 9, 2026
होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात पर कड़ा नियंत्रण
वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान ने एक बड़ा फैसला लिया है। नई पाबंदी के तहत अब इस समुद्री रास्ते से प्रतिदिन अधिकतम केवल 15 जहाजों को ही गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही ईरान और ओमान इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षा शुल्क वसूलने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहे हैं। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और वैश्विक व्यापार पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
इस्लामाबाद में बातचीत और ट्रंप का रुख
तनाव के बीच ईरान शुक्रवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ कूटनीतिक चर्चा शुरू करने के लिए तैयार हो गया है। हालांकि, तेहरान ने साफ किया है कि यह केवल बातचीत का एक मंच है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि यदि ईरान सीजफायर की शर्तों को मानता है और होर्मुज मार्ग को सुचारू रूप से खोलता है, तो अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई को आगे नहीं बढ़ाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में चीन, पाकिस्तान और तुर्की की मध्यस्थता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इजरायल का हिज्बुल्लाह पर हमला जारी रखने का संकल्प
ईरान की धमकियों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपना रुख और कड़ा कर लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना की कार्रवाई नहीं थमेगी। नेतन्याहू ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य उत्तरी इजरायल के नागरिकों की सुरक्षा बहाल करना और विस्थापितों को उनके घर वापस लाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि इजरायली सेना पूरी सटीकता के साथ जहां भी जरूरत होगी, वहां हमला जारी रखेगी।
मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय चिंता
युद्ध की इस आग में जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। ईरान के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली हमलों में अब तक 3000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, वहीं लेबनान में भी मरने वालों का आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है और हजारों लोग घायल हैं। इधर, यूरोपीय संघ ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर चिंता जताई है और मांग की है कि वैश्विक हितों को देखते हुए इस समुद्री रास्ते पर स्वतंत्र आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


