एजेंसी, कोलंबो/तेहरान। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध के पांचवें दिन हिंद महासागर से दहला देने वाली खबर सामने आई है। अमेरिका ने भारत से वापस लौट रहे ईरानी युद्धपोत ‘आईरिस देना’ पर श्रीलंका के समुद्री तट के पास हमला कर उसे समुद्र में डुबो दिया है। श्रीलंका सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस घातक हमले में अब तक 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो चुकी है।
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अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि हिंद महासागर में तैनात एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी जहाज को ‘टॉरपीडो’ यानी समुद्री मिसाइल से निशाना बनाया, जिससे वह पूरी तरह नष्ट होकर डूब गया। हादसे के वक्त जहाज पर लगभग 180 नौसैनिक सवार थे। श्रीलंका की नौसेना ने तत्परता दिखाते हुए 32 घायल नौसैनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी लापता सैनिकों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। यह युद्धपोत पिछले महीने भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित ‘2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू’ यानी अंतरराष्ट्रीय नौसेना प्रदर्शन में हिस्सा लेने आया था और वहां से वापस लौट रहा था। श्रीलंकाई अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब छह से सात बजे के बीच जहाज से मदद के लिए संदेश भेजा गया था। उस समय यह युद्धपोत दक्षिणी श्रीलंका के गाले शहर से लगभग 75 किलोमीटर दूर समुद्र में मौजूद था। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और भारत की समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।


