इंदौर के भागीरथपुरा में मचा हाहाकार, दूषित पानी पीने से 100 से ज्यादा लोग बीमार, चार लोगों की मौत

इंदौर के भागीरथपुरा में मचा हाहाकार, दूषित पानी पीने से 100 से ज्यादा लोग बीमार, चार लोगों की मौत

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एजेंसी, इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में सोमवार को उस वक्त हाहाकार मच गया, जब एक-एक कर 100 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद बीमार पड़ गए। इन लोगों में दो साल के बच्चे से लेकर 80 साल की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं। अस्पताल में भर्ती चार मरीजों की मंगलवार दोपहर मौत गई। हालांकि अधिकारी एक मौत की बात कर रहे हैं। मरने वालों में एक बुजुर्ग भी शामिल है। नंदलाल पाल (70 वर्ष) परसों से वर्मा नर्सिंग होम में भर्ती थे। दूषित पानी पीने कारण उल्टी-दस्त बंद नहीं हो रहे थे। मंगलवार सुबह 7 बजे इनका अस्पताल में निधन हो गया। स्वजनों ने इनके निधन की पुष्टि की है।

लोग अस्पतालों की तरफ भागे
मेडिकल टीमें पूरे दिन क्षेत्र में मुस्तैद रहीं। 50 से ज्यादा लोगों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बावजूद जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो लोग अस्पतालों की तरफ भागे। इन लोगों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।

पानी में आ रही थी केमिकल और पेट्रोल की बदबू
लोगों का कहना है कि तीन-चार दिन पहले भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा लाइन से जो पानी वितरित हुआ था उसमें केमिकल और पेट्रोल की बदबू आ रही थी। उन्होंने इसकी शिकायत भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। संभवत: इसी दूषित पानी को पीने से उनकी तबीयत बिगड़ी है। देर शाम तक 27 से ज्यादा लोग वर्मा नर्सिंग होम, त्रिवेणी अस्पताल, बीमा अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती होकर उपचार ले रहे थे। डॉक्टरों का कहना है कि इन सभी की स्थिति नियंत्रित और खतरे से बाहर है।

कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे हाल जानने
सोमवार देर शाम कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी उपचाररत मरीजों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे। वार्ड 11 के पार्षद कमल वाघेला ने बताया कि लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला रविवार रात से ही शुरू हो गया था। सोमवार को बीमारों की संख्या अचानक बढ़ गई। हमने कलेक्टर कार्यालय और निगम मुख्यालय को इसकी सूचना दी। कुछ देर बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बीमारों का उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने 50 से ज्यादा लोगों को दवाई देकर घर भेज दिया। उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर आने वालों का सिलसिला जारी रहा। देर शाम तक बीमारों की संख्या 100 से ज्यादा पहुंच गई थी। 27 लोगों की हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। तीन वर्षीय एक बच्चे को चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय और 12 साल के एक बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बीमा अस्पताल और डीएनएस अस्पताल में भर्ती दो लोगों का उपचार आइसीयू में चल रहा है। कुछ रहवासियों का कहना है पांच दिनों से लोग उल्टी-दस्त की शिकायत कर रहे थे।

डमरू उस्ताद चौराहे से आती है लाइन
भागीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा जल वितरण की लाइन डमरू उस्ताद चौराहा से होकर पहुंचती है। लोगों का कहना है कि संभवत: चौराहे पर हुई खोदाई की वजह से ड्रेनेज का पानी जलप्रदाय की लाइन में मिल रहा है। इसी दूषित पानी को पीने से लोग बीमार हुए हैं। अब तक जांच में पता चला है कि पानी की पाइपलाइन के ऊपर ही सीवेज का चेम्बर बना दिया गया था।

भागीरथपुरा क्षेत्र में कुछ लोगों को उल्टी-दस्त होने की सूचना मिली है। 27 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। संबंधित क्षेत्र में पानी की सैंपलिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग, निगम व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है। अभी मरीजों के बीमार होने का कारण स्पष्ट नहीं है। जांच के बाद ही असली कारण पता चलेगा।

-शिवम वर्मा, कलेक्टर

सैंपल ले लिए हैं।आज रिपोर्ट आएगी। सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। टीम ने अलग-अलग स्थानों से पानी के सैंपल लिए हैं। जिस टंकी से क्षेत्र में पानी वितरित होता है उसकी भी जांच की, लेकिन वहां सबकुछ सही मिला। पानी के सैंपल की जांच मंगलवार को आएगी। इसके बाद ही उल्टी-दस्त की वजह पता चल सकेगी।

– पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर

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