गुवाहाटी। पूर्वोत्तर राज्य असम पूरी तरह से बाढ़ में डूब गया है, जिससे बचने के लिए लोग अपने-अपने घरों से निकलने के लिए मजबूर हो गए हैं. इस बाढ़ से लगभग 10 जिलों में लगभग 1 लाख से ज्यादा आबादी के लोग प्रभावित हुए हैं. असम की ऐसी गंभीर स्थिति पर मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने राज्य में बाढ़ की वजह से बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अकाउंट से पोस्ट करते हुए लिखा है कि बाढ़ की वजह से राज्य की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जिससे 10 जिलों में 1.17 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुए हैं. बाढ़ से प्रभावित जिलों के 27 राजस्व क्षेत्र के 968 गांव बाढ़ से पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं.
बाढ़ से बचने के लिए चलाए जा रहे 134 रिलीफ कैंप
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि बाढ़ से राहत के लिए अभी के समय में अधिकारी करीब 134 रिलीफ कैंप और करीब 94 रिलीफ डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर चला रहे हैं. इन सभी रिलीफ कैंप में कुल 17,661 लोगों ने बाढ़ से बचने के लिए शरण ली है. खतरे की बात करते हुए सीएम ने कहा कि बराक के करीमगंज में कुशियारा नदी अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.
पहले की तुलना में कम हुई बाढ़ से प्रभावितों की संख्या
असम राज्य के डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एएसडीएमए) के मुताबिक, अभी तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है और पिछले 24 घंटे में दो लोगों की मौत की सूचना आई है, इसके साथ ही उन्होंने थोड़ी राहत की खबर देते हुए बताया कि 22 जून को बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या पहले की तुलना में कम हो गई है, उन्होंने कहा कि स्थिति में मामूली सा सुधार हुआ है. उन्होंने कहा कि 3995.33 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ के पानी से जलमग्न है.
गृह मंत्री अमित शाह ने की बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मानसून के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ आने की स्थिति में उससे निपट ने की तैयारियों की रविवार को समीक्षा की। हर साल मानूसन में बारिश के कारण विभिन्न नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से बिहार, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के बड़े हिस्से जलमग्न हो जाते हैं। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘गृह मंत्री ने यहां एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की और देश में बाढ़ प्रबंधन के लिए तैयारियों की समीक्षा की।’’ उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और कुछ अन्य राज्यों को भी मानसून के दौरान भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में तमिलनाडु, केरल और जम्मू कश्मीर में भी बाढ़ आयी है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, विभिन्न मंत्रालयों और गृह, जल संसाधन, नदी विकास, पृथ्वी विज्ञान, पर्यावरण, सड़क परिवहन विभागों के सचिव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों के अनुसार, अभी असम में बाढ़ से 10 जिलों में 1.17 लाख लोग प्रभावित हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि बाढ़ से इन जिलों के 27 राजस्व मंडल के 968 गांव जलमग्न हो गए हैं। उन्होंने बताया कि प्राधिकारियों ने अभी 134 राहत शिविर और 94 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं जहां कुल 17,661 लोगों ने शरण ली है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में इस साल बाढ़, भूस्खलन और तूफान के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 37 पर पहुंच गयी है जबकि एक व्यक्ति लापता है।


