नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पांच मई को आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक) के आयोजन में कथित अनियमितताओं के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। केंद्र द्वारा एजेंसी को परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच सौंपने की घोषणा के एक दिन बाद यह प्राथमिकी दर्ज की गयी है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी संदर्भ के आधार पर सीबीआई ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है। करीब 24 लाख छात्रों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी है।उन्होंने बताया कि कथित अनियमितताओं की जांच के लिए कई शहरों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग मंत्रालय को माननी पड़ी। शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “पांच मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं, धोखाधड़ी और कदाचार के कुछ मामले सामने आए हैं।” अधिकारी ने कहा, “एक समीक्षा के बाद परीक्षा प्रक्रिया के संचालन में पारदर्शिता के लिए यह निर्णय लिया गया कि मामले को व्यापक जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिया जाए।”
नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा में 1563 अभ्यर्थियों में से 813 परीक्षा में हुए शामिल
नई दिल्ली। नीट-स्नातक में जिन 1,563 अभ्यर्थियों को पहले कृपांक दिए गए थे, उनमें से 813 अभ्यर्थी रविवार को दोबारा परीक्षा में शामिल हुए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सात केंद्रों पर दोबारा परीक्षा आयोजित की गई। पांच मई को नीट-स्नातक की परीक्षा के दौरान जिन छह केंद्रों पर परीक्षा देर से शुरू हुई वहां समय की हानि की भरपाई के लिए कृपांक दिए गए थे। एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कम से कम 52 प्रतिशत – 1,563 उम्मीदवारों में से 813 – रविवार को पुनः परीक्षा में शामिल हुए।” मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद के बीच एनटीए ने रविवार को 17 अभ्यर्थियों को परीक्षा देने से रोक दिया जो पांच मई को बिहार के केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे थे। एजेंसी ने पहले भी परीक्षा में अनुचित साधन अपनाने के आरोप में 63 अभ्यर्थियों को परीक्षा से बाहर कर दिया था। शनिवार को गुजरात के गोधरा से 30 अतिरिक्त अभ्यर्थियों के भी परीक्षा देने पर रोक लगा दी गई थी।
नवादा: यूजीसी पेपर लीक मामले की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम पर हमला, 4 गिरफ्तार
नवादा। यूजीसी नेट पेपर लीक मामले की जांच करने दिल्ली से बिहार के नवादा पहुंची सीबीआई टीम के साथ हमला किये जाने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल ने यहां बताया कि यूजीसी नेट पेपर लीक मामले में सीबीआई की टीम शनिवार को नवादा जिले के रजौली थाना के कसिया डीह गांव पहुंची थी। पेपर लीक में शामिल एक व्यक्ति के मोबाइल लोकेशन के आधार पर सीबीआई टीम कसियाडीह पहुंची थी, लेकिन सीबीआई टीम को नकली बताकर ग्रामीणों ने मारपीट किया। गाड़ियों में भी तोड़फोड़ कर दिया। सीबीआई की जांच टीम में चार अधिकारियों के साथ स्थानीय पुलिस की एक महिला कंस्टेबल भी थी। ग्रामीणों के हमला से घबराई सीबीआई टीम ने इसकी सूचना रजौली पुलिस को दी। रजौली पुलिस ने ग्रामीणों को किसी तरह शांत कराया। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मौजूदगी में सीबीआई की टीम ने जांच पड़ताल किया, जिसमें लोकेशन के आधार पर दो मोबाइल फोन को जब्त किया है। रजौली के थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि सीबीआई टीम पर हमला मामले में कसियाडीह गांव के आठ नामजद और 150-200 लोगों के खिलाफ रजौली थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस सिलसिले में ग्रामीण प्रिंस कुमार, एक महिला समेत चार लोगों को गिरफतार किया गया है। मारपीट की घटना की वीडियोग्राफी कराई गई है, जिसके आधार पर लोगों को चिंहित किया जा रहा है।
नीट-पीजी स्थगित होना पीएम मोदी के राज में बर्बाद हो चुकी शिक्षा व्यवस्था का एक और उदाहरण: राहुल गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट-पीजी स्थगित होने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा तथा कहा कि यह “बर्बाद हो चुकी शिक्षा व्यवस्था का एक और दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है।”केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उसने कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता पर हाल ही में लगे आरोपों के मद्देनजर “एहतियात” के तौर पर 23 जून को होने वाली नीट-पीजी प्रवेश परीक्षा को स्थगित करने का फैसला किया है। गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “अब नीट-पीजी भी स्थगित! यह नरेन्द्र मोदी के राज में बर्बाद हो चुकी शिक्षा व्यवस्था का एक और दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण है। भाजपा राज में छात्र अपना करियर बनाने के लिए ‘पढ़ाई’ नहीं, अपना भविष्य बचाने के लिए सरकार से ‘लड़ाई’ लड़ने को मजबूर हैं।” उन्होंने लिखा, “अब यह स्पष्ट है – हर बार चुपचाप तमाशा देखने वाले मोदी पेपर लीक रैकेट और शिक्षा माफिया के आगे पूरी तरह से बेबस हैं।” गांधी ने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी की अक्षम सरकार छात्रों के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है – हमें देश के भविष्य को उससे बचाना ही होगा।”
शिक्षा व्यवस्था ‘माफिया’ के हवाले, प्रियंका गांधी का केंद्र सरकार पर वार
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने ‘नीट-यूजी’ सहित राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रविवार को केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि इसने पूरी शिक्षा प्रणाली को ‘माफिया’ और ‘भ्रष्टाचारियों’ के हवाले कर दिया है। कांग्रेस नेता की इस टिप्पणी के ठीक एक दिन पहले, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा आयोजित करने के लिए जिम्मेदार निकाय राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कामकाज की समीक्षा और परीक्षा में सुधार की सिफारिशों के लिए एक समिति गठित की है। केंद्र सरकार ने शनिवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक सुबोध सिंह को हटा दिया और मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक) में अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी। प्रियंका ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘नीट-यूजी’ परीक्षा का प्रश्नपत्र ‘लीक’ हुआ, वहीं नीट-पीजी, यूजीसी नेट और सीएसआईआर-नेट ‘‘रद्द’’ कर दिए गए। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘आज, देश की कुछ सबसे बड़ी परीक्षाओं का यह हाल है। भाजपा राज में समूची शिक्षा का ढांचा माफियाओं-भ्रष्टाचारियों के हवाले हो चुका है।’’ प्रियंका ने पेास्ट में कहा, ‘‘लालची और चाटुकार किस्म के अयोग्य लोगों के हाथ में देश की शिक्षा और बच्चों का भविष्य सौंपने की राजनीतिक जिद और अहंकार ने पेपर लीक, परीक्षा रद्द, कैंपस से पढ़ाई-लिखाई का विलोप और राजनीतिक गुंडागर्दी को हमारी शिक्षा-व्यवस्था की पहचान बना दिया है।’’ उन्होंने कहा कि हालत यह हो गई है कि भाजपा सरकार साफ-सुथरे ढंग से एक परीक्षा तक नहीं करा सकती। पेास्ट में कहा गया है, ‘‘आज युवाओं के भविष्य के सामने भाजपा सरकार एकमात्र सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़ी है। देश के काबिल युवा अपना बेशकीमती समय, सारी ऊर्जा भाजपा के भ्रष्टाचार से लड़ने में गंवा रहे हैं और मजबूर मोदी जी सिर्फ तमाशा देख रहे हैं।’’


