इंदौर। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अक्षय बम और उनके पिता कांतिलाल बम को हत्या के प्रयास के मामले में फिलहाल हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। दोनों ने अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। शुक्रवार को इस पर सुनवाई होना थी, लेकिन फरियादी की तरफ से कहा गया कि उन्हें जमानत पर आपत्ति है। वे इस संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत करना चाहते हैं। कोर्ट ने उन्हें समय देते हुए सुनवाई आगे बढ़ा दी। अब मामले में 24 मई को सुनवाई होगी। अक्षय बम और उनके पिता कांतिलाल बम पर एक व्यक्ति की हत्या का प्रयास का आरोप है। मामला 17 वर्ष पुराना है। आरोप है कि जमीन विवाद में बम और उनके पिता के कहने पर सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी ने फरियादी युनुस पटेल पर गोली चलाई थी। यह गोली पटेल के कान के पास से निकली थी। पुलिस ने इस मामले में 323, 506 जैसे मामूली धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था, लेकिन हाल ही में 24 अप्रैल 2024 को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने प्रकरण में हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाने का आदेश दिया था।
इसके बाद से बम परिवार की परेशानी बढ़ गई है। कोर्ट ने अक्षय और उनके पिता को सत्र न्यायालय के समक्ष 10 मई को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने को कहा था, लेकिन पिता-पुत्र उपस्थित नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने दोनों का गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने पुलिस को 8 जुलाई से पहले पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर पेश करने के लिए कहा है। बम ने अग्रिम जमानत के लिए सत्र न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें कोई राहत नहीं दी। इस पर उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता अविनाश सिरपुरकर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। शुक्रवार की सुनवाई में फरियादी युनुस पटेल की तरफ से एडवोकेट मुकेश देवल ने आपत्ति दर्ज कराई। बम ने प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश को चुनौती देते हुए सत्र न्यायालय के समक्ष आपराधिक रिवीजन भी दायर की हुई है। इसमें भी 24 मई को ही सुनवाई होना है।
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