एजेंसी, तेहरान। ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी भीषण संघर्ष के बीच अपना पहला औपचारिक संदेश जारी किया है। गुरुवार को सरकारी टेलीविजन पर एक समाचार प्रस्तोता द्वारा उनके इस बयान को पढ़कर सुनाया गया। हालांकि, खामेनेई स्वयं कैमरे के सामने नहीं आए, लेकिन उनके इस संदेश को पूरे देश में प्रसारित किया गया।
मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने न आने को लेकर कई तरह की खबरें चर्चा में थीं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि युद्ध के शुरुआती दौर में हुए हमलों में उन्हें चोटें आई थीं। गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए शुरुआती हवाई हमलों में उनके पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत परिवार के कई सदस्यों की जान चली गई थी। अपने बयान में मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ मित्रता का इच्छुक है और वर्तमान में केवल अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है, जिन पर हमले जारी रहेंगे। उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि दुश्मनों पर रणनीतिक दबाव बनाए रखने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा।
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उन्होंने संकल्प लिया कि ईरान अपने शहीदों के खून का बदला जरूर लेगा। नए सर्वोच्च नेता ने ईरानी सेना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पराक्रम ने देश को विभाजित होने और किसी विदेशी कब्जे में जाने से सुरक्षित रखा है। खामेनेई ने कहा, “मैं उन बहादुर लड़ाकों का हृदय से आभारी हूं जो देश पर भारी दबाव और हमलों के इस कठिन समय में बेहतरीन काम कर रहे हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान भविष्य में भी अपनी आत्मरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। इस संकट के समय में यमन और इराक के सशस्त्र गुट भी ईरान के समर्थन में खड़े हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता ने यह घोषणा भी की कि युद्ध के कारण नुकसान झेलने वाले नागरिकों को आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने घायल लोगों के मुफ्त इलाज और मौजूदा स्थिति से प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।


