एजेंसी, कोलकाता। मेस्सी कोलकाता दौरे के दौरान शनिवार सुबह साल्ट लेक स्टेडियम में हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब विश्व प्रसिद्ध फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी की एक झलक भी नहीं मिलने से नाराज प्रशंसकों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ दी। गुस्साए दर्शक मैदान में घुस आए, जिससे पूरे आयोजन में अफरा-तफरी मच गई। इस अराजक स्थिति के चलते मेस्सी को करीब 22 मिनट के भीतर ही स्टेडियम से बाहर निकालना पड़ा। ‘सिटी ऑफ जॉय’ के फुटबॉल प्रेमियों के लिए जो दिन यादगार होना था, वह अव्यवस्था और निराशा में बदल गया। स्टेडियम के अंदर कुर्सियां तोड़ी गईं और बोतलें फेंकी गईं। मेस्सी के मैदान में प्रवेश करते ही हालात और बिगड़ गए, जिसके चलते कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा। इस कारण कार्यक्रम में मौजूद बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मेस्सी से मुलाकात नहीं हो सकी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, साल्ट लेक स्टेडियम धीरे-धीरे राजनीतिक दांव-पेच का केंद्र बन गया। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ समर्थकों ने भी सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए मैदान में प्रवेश किया। हालात इतने बिगड़ गए कि ‘जीओएटी टूर’ के आयोजक शतद्रु दत्ता और सुरक्षाकर्मियों को मिलकर मेस्सी को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। 4,500 से 10,000 रुपये तक के टिकट खरीदने वाले कई प्रशंसकों ने नाराजगी में स्टेडियम की सीटें तोड़ दीं। पुलिस को स्थिति संभालने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। एक नाराज प्रशंसक अजय शाह ने कहा कि स्टेडियम में 150 से 200 रुपये में कोल्ड ड्रिंक मिल रही थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मेस्सी की एक झलक तक नहीं मिली। उन्होंने कहा कि लोग अपने एक महीने की कमाई खर्च कर यहां आए थे, नेताओं को देखने के लिए नहीं। उन्होंने कुप्रबंधन और पीने के पानी की कमी को लेकर भी नाराजगी जताई।

मेस्सी स्वागत कार्यक्रम में कुप्रबंधन पर ममता बनर्जी ने मांगी माफी
मेस्सी कोलकाता दौरे के दौरान मची अफरा-तफरी पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने साल्ट लेक स्टेडियम में हुई अव्यवस्था और कुप्रबंधन को लेकर लियोनेल मेस्सी और फुटबॉल प्रशंसकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की घोषणा भी की। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि स्टेडियम में जो कुछ हुआ, उससे वह बेहद परेशान और हैरान हैं। उन्होंने बताया कि हजारों दर्शक अपने पसंदीदा फुटबॉलर को देखने की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं कार्यक्रम स्थल की ओर जा रही थीं, लेकिन उससे पहले ही हालात बिगड़ गए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति असीम कुमार राय की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई जा रही है, जिसमें गृह और पर्वतीय मामलों के विभाग के मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव शामिल होंगे। यह समिति आयोजन में हुई गड़बड़ियों, जिम्मेदार लोगों की पहचान और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुधारात्मक कदम सुझाएगी।
कोलकाता पर चढ़ा मेस्सी का खुमार, आधी रात तक उमड़े प्रशंसक
मेस्सी कोलकाता दौरे को लेकर शहर में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दिसंबर की ठंड के बावजूद हजारों फुटबॉल प्रेमी आधी रात को अर्जेंटीना के दिग्गज खिलाड़ी का स्वागत करने सड़कों पर उतर आए। मेस्सी ‘जीओएटी भारत दौरा 2025’ के तहत भारत पहुंचे हैं और तड़के करीब 2 बजकर 26 मिनट पर कोलकाता पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अर्जेंटीना के झंडे, मोबाइल की फ्लैशलाइट और मेस्सी के नाम के नारे गूंजते रहे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मेस्सी वीआईपी गेट से बाहर निकले और काफिले के साथ होटल पहुंचे, जहां भी बड़ी संख्या में प्रशंसक मौजूद थे। उनके साथ लुई सुआरेज और अर्जेंटीना के खिलाड़ी रौद्रिगो डि पॉल भी भारत आए हैं। अगले 72 घंटों में मेस्सी कोलकाता, हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली का दौरा करेंगे।
वर्चुअल माध्यम से 70 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण
मेस्सी कोलकाता दौरे के दौरान लियोनेल मेस्सी ने शहर के प्रवेश द्वार वीआईपी रोड पर स्थापित अपनी 70 फीट ऊंची लोहे की प्रतिमा का वर्चुअल अनावरण किया। यह प्रतिमा नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब चार किलोमीटर दूर वीआईपी रोड-लेक टाउन क्रॉसिंग पर स्थापित की गई है। इसे दुनिया के किसी भी फुटबॉलर की सबसे ऊंची प्रतिमा बताया जा रहा है। यह प्रतिमा 2022 फ़ीफ़ा विश्व कप के दौरान ट्रॉफी थामे मेस्सी की तस्वीर पर आधारित है। कलाकार मिंटू पाल ने इसे करीब 40 दिनों में तैयार किया है। इस पहल से जुड़े मंत्री सुजीत बोस ने दावा किया कि यह प्रतिमा फुटबॉल इतिहास में एक अनोखी पहचान बनेगी।
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