मध्य प्रदेश में 9 साल बाद पदोन्नति का रास्ता हुआ साफ, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले 9 सालों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। प्रदेश में लगभग 9 साल लंबा वक्त बीत जाने के बाद अब इन कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। पाठकों को बता दें कि एमपी में पिछले लगभग 9 वर्षों से सरकारी कर्मचारी की पदोन्नति पर रोक लगी हुई है। इस समयावधि के दौरान प्रदेश के लगभग 100000 सरकारी कर्मचारी रिटायर भी हो चुके हैं। लेकिन अब प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन सिंह यादव ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकारी कर्मचारी के प्रमोशन पर लगी रोक को हटाने के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री ने विधानसभा स्तर के दौरान सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति पर लगी रोक को हटाने के लिए समाधान खोजने की बात कही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को बढ़ाने की प्रक्रिया को तेज करना है।

मध्य प्रदेश में 2016 से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति पर लागू है रोक

मध्य प्रदेश राज्य में पिछले लगभग नौ वर्षों से सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति पर रोक लगी हुई है। प्रदेश में वर्ष 2016 से अभी तक सरकारी कर्मचारियों के पदोन्नति नहीं हुई है। इस समय अवधि के दौरान एक लाख से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। पाठकों को बता दें कि हाई कोर्ट द्वारा 30 अप्रैल 2016 को मध्य प्रदेश सरकार के 2002 की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में आरक्षण प्रावधान को समाप्त करना मुख्य वजह रहा है। उस दौरान इससे पहले पदोन्नत हुए कर्मचारियों की भी पदावनत होने की स्थिति पैदा हो गई थी। हालांकि इस दौरान मध्य प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एचसीएफ भी दायर की गई लेकिन अदालत ने यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए।

संपूर्ण भारत में सिर्फ मध्य प्रदेश राज्य में लगी है सरकारी कर्मचारीयों की पदोन्नति पर रोक

भारत देश में मध्य प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जिसमें सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन पर रोक लगी हुई है। पिछले लगभग 9 वर्षों से सरकारी कर्मचारी इस राज्य में अपनी प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि अब प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनलाल यादव ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही इस समस्या का निवारण कर कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को गति प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।

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