एजेंसी, मॉस्को/कीव। पुतिन युद्धविराम घोषणा : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ जारी संघर्ष के बीच ‘ऑर्थोडॉक्स ईस्टर’ के पावन अवसर पर 32 घंटे के युद्धविराम की घोषणा की है। रूस-यूक्रेन युद्ध के पांचवें वर्ष में प्रवेश करने के बाद यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। क्रेमलिन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रूसी सेना शनिवार (11 अप्रैल) शाम 4 बजे से रविवार (12 अप्रैल) की आधी रात तक किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करेगी।
⚡ By decision of the Supreme Commander-in-Chief of the Armed Forces of the Russian Federation Vladimir Putin, a ceasefire has been declared ahead of the Orthodox Easter – from 4:00 p.m. on April 11 until the end of April 12, 2026.https://t.co/pfX5OArHoE pic.twitter.com/zj567Uln0q
— MFA Russia 🇷🇺 (@mfa_russia) April 9, 2026
जेलेंस्की के प्रस्ताव पर पुतिन की मुहर
इस युद्धविराम की नींव यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के उस प्रस्ताव से पड़ी, जिसमें उन्होंने ईस्टर के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की थी। जेलेंस्की ने अमेरिका के माध्यम से यह सुझाव दिया था कि त्योहार के दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे के ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाना बंद कर दें। शुरुआत में चुप्पी साधने के बाद, अब रूस ने आधिकारिक तौर पर इस पर सहमति जताते हुए युद्धविराम का आदेश जारी कर दिया है। जेलेंस्की ने भी पुष्टि की है कि यूक्रेन इस युद्धविराम का सम्मान करेगा।
क्रेमलिन का सख्त निर्देश
पुतिन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि रूसी रक्षा मंत्रालय सभी मोर्चों पर गोलाबारी रोकने के निर्देश का कड़ाई से पालन करे। हालांकि, रूसी नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनके सैनिक किसी भी संभावित उकसावे या दुश्मन की आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे। रूस ने उम्मीद जताई है कि यूक्रेनी पक्ष भी इस शांति पहल का पूरी ईमानदारी से अनुसरण करेगा।
पुराने अनुभवों और चुनौतियों पर नजर
पिछले साल भी ईस्टर के मौके पर पुतिन ने 30 घंटे के एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी, लेकिन उस दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए थे। इस बार भी अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह युद्धविराम धरातल पर टिक पाएगा। फिलहाल, अमेरिका इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि शांति की यह छोटी सी पहल किसी स्थायी समाधान की ओर बढ़ सके।
यूक्रेन की ओर से सकारात्मक संदेश
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि लोगों को खतरों से मुक्त ईस्टर की जरूरत है और यह शांति की दिशा में एक वास्तविक कदम होना चाहिए। उन्होंने रूस को चुनौती दी कि ईस्टर के बाद भी वह हमलों की तरफ न लौटे। दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी इस खूनी संघर्ष के बीच, 32 घंटे की यह खामोशी नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
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