एजेंसी, बेगूसराय। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के तीसरे चरण के अंतिम दिन आज बेगूसराय में सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी खामी उजागर हुई। नीतीश कुमार के विमान के उतरने से ठीक कुछ पल पहले हेलीपैड क्षेत्र में अचानक एक आवारा बैल घुस आया, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई।
मुख्यमंत्री के पहुंचने के लिए बियडा परिसर में विशेष हेलीपैड तैयार किया गया था और सुरक्षा के कड़े इंतजामों का दावा किया गया था। इसी बीच एक बेकाबू बैल सुरक्षा घेरा तोड़कर भीतर दाखिल हो गया और वहां तैनात पुलिस बल के जवानों को दौड़ाना शुरू कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए पुलिसकर्मी इधर-उधर भागते नजर आए। मुख्यमंत्री के आने के ठीक पहले हुई इस अप्रत्याशित घटना ने वीआईपी सुरक्षा के इंतजामों पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बेगूसराय जिले के लिए 274 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। तय योजना के मुताबिक उन्होंने सबसे पहले औद्योगिक केंद्रों का दौरा कर वहां के कामकाज का जायजा लिया।
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एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के शासनकाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि साल 2005 से पहले बिहार में लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। उस समय अपराध का बोलबाला था और डर के कारण लोग सूर्यास्त के बाद घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही कानून-व्यवस्था को सबसे ऊपर रखा, जिसके कारण आज प्रदेश की तस्वीर बदल चुकी है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य में सांप्रदायिक तनाव और दंगे होना मामूली बात थी। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि शांति व्यवस्था कायम करने के लिए उन्होंने पहले कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवाई और उसके बाद मंदिरों की चारदीवारी का निर्माण भी सुनिश्चित किया। उनका मानना है कि इन प्रशासनिक कदमों की वजह से ही आज बिहार में आपसी विवाद खत्म हुए हैं और पूरे प्रदेश में अमन-चैन कायम है।


