एजेंसी, दिल्ली। खाड़ी देशों से रसोई गैस यानी एलपीजी लेकर आ रहे भारतीय निशान वाले दो बड़े जहाजों ने शनिवार सुबह युद्ध के खतरे वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। जहाजरानी मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी ने इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की पुष्टि की है। जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के ये दोनों जहाज अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। यह भारत के लिए राहत की खबर है क्योंकि ये जहाज सुरक्षित क्षेत्र में पहुंच चुके हैं।
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अधिकारी ने जानकारी दी कि इन जहाजों में कुल 92,700 टन एलपीजी लदी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि ये दोनों पोत 16 या 17 मार्च तक भारतीय समुद्री तटों पर लंगर डाल देंगे। गौर करने वाली बात यह है कि ये दोनों जहाज उन 24 जलयानों की सूची में थे, जो खाड़ी क्षेत्र में छिड़े युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में काफी समय से फंसे हुए थे। इनकी सुरक्षित वापसी भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।


