नरसिंहपुर। नरसिंहपुर जिले में खराब सड़कों की फजीहत सामने आई है। सड़क खराब होने से जब गांव तक एंबुलेंस नहीं आ सकी, तो गर्भवती को ट्रैक्टर पर लिटाकर लाना पड़ा, महिला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया। परिजनों ने दो किमी चल कर जच्चा, बच्चा को गांव के बाहर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाया। जच्चा, बच्चा दोनों सुरक्षित है। इस घटना के बाद अब सरकार के इस दावे की पोल खुल गई, जिसमें गांव से शहर को जोड़ने के लिए योजना अंर्तगत बनने वाली सड़कें पूरी तरह से बनवा दी गई है। वहीं सवाल खड़े हो रहे है, कि जब गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में रास्ते के ये हाल है, तो बरसात में क्या हाल होगें।
गांव का पहुंच मार्ग अत्यंत जर्जर
रास्ता खराब होने के चलते गांव में एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकी, जिसके चलते प्रसूता की रास्ते में ही प्रसूति हो गई, जानकारी के अनुसार गोटेगांव अंर्तगत आने वाले कौडिया गांव निवासी रमैती बाई पति नीलेश यादव को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता को इस बात की जानकारी दी। आशा कार्यकर्ता ने प्रसूता को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस को फोन किया गया। लेकिन ग्राम तक पहुंच मार्ग अत्यंत जर्जर होने के चलते एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। वह महिला को एंबुलेंस तक पहुंचने के लिए महिला को ट्रैक्टर में बैठकर लम्बा रास्ता तय करना पड़ा, इसी दौरान रहली गांव तक पहुंचने पर महिला को तेज पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता ने ही रास्ते महिला की डिलेवरी करवाई गई, फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ्य है।
ट्रेक्टर से लेकर पहुंचे एम्बुलेंस तक
परिजनों तथा स्थानीय निवासियों ने प्रसूता को ट्रैक्टर पर डालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाने की कोशिश की। लेटलतीफी के चलते प्रसूता के घर की कुछ दूरी पर ही डिलीवरी हो गई। प्रसूता ने रास्ते में ही पुत्र को जन्म दे दिया। मौके पर कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं होने के चलते जच्चा, बच्चा दोनों को ट्रैक्टर पर डालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया गया, जहां एम्बुलेंस द्वारा गोटेगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण के साथ उपचार जारी है।


